ग्रेटर नोएडा, 23 जून (आईएएनएस)। यमुना अथॉरिटी अपने सेक्टर-28 में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में फ्लैटेड फैक्ट्री लगा रहा है। इसके बनने से आने वाले समय में रोजगार भी बढ़ेगा और साथ ही यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में उद्योग लगाने वाले लोगों को कम किराए पर आसानी से जगह उपलब्ध हो जाएगी। 20-20 हजार स्क्वायर मीटर के दो अलग-अलग प्लॉट में इसे बनाया जाएगा। दोनों को बनाने की लागत करीब 228 करोड़ आयेगी। आने वाले 8 से 9 महीने में इसे तैयार कर शुरू किया जाएगा।
फ्लैटेड फैक्ट्री चार-चार मंजिला होगी। इसमें अलग-अलग तरीके की सुविधाएं होंगी। जिसमें मल्टीपरपज हॉल, मीटिंग रूम्स, ऑफिस स्पेस, कॉन्फ्रेंस रूम के साथ-साथ कई अन्य सुविधाएं भी होंगी। लघु उद्योगों के जरिए लोगों को रोजगार देने वालों को उसमें प्राथमिकता मिलेगी और साथ ही साथ नए स्टार्टअप करने वालों को भी मौका दिया जाएगा। दो अलग-अलग प्लॉट में इनको बनाया जाएगा। 60 मीटर की करीब 126 यूनिट, 90 मीटर की करीब 64 और 122 मीटर की करीब 50 यूनिट बनाई जाएंगी। छोटे से लेकर बड़े जरूरतों के हिसाब से इसे बनाया जा रहा है।
यमुना अथॉरिटी के सीईओ अरुण वीर सिंह ने बताया कि इनको बनाने का मकसद उद्योगों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना है और ज्यादा से ज्यादा रोजगार का सृजन करने की कोशिश है। उन्होंने बताया कि 20 हजार स्क्वायर मीटर के क्षेत्रफल में करीब 114 करोड़ की लागत से एक फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण कराया जाएगा। ऐसे 2 फैक्ट्री बनाई जाएंगी। इनको बनाने का कार्य जल्दी शुरू होगा और करीब 8 से 9 महीने के वक्त में ये तैयार हो जाएंगे। इन्हें काफी कम कीमतों पर उद्यमियों और अन्य लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वह सरलता के साथ अपना उद्योग और अपना स्टार्टअप यहां से शुरू कर सकते हैं।
–आईएएनएस
पीकेटी/एबीएम
ग्रेटर नोएडा, 23 जून (आईएएनएस)। यमुना अथॉरिटी अपने सेक्टर-28 में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में फ्लैटेड फैक्ट्री लगा रहा है। इसके बनने से आने वाले समय में रोजगार भी बढ़ेगा और साथ ही यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में उद्योग लगाने वाले लोगों को कम किराए पर आसानी से जगह उपलब्ध हो जाएगी। 20-20 हजार स्क्वायर मीटर के दो अलग-अलग प्लॉट में इसे बनाया जाएगा। दोनों को बनाने की लागत करीब 228 करोड़ आयेगी। आने वाले 8 से 9 महीने में इसे तैयार कर शुरू किया जाएगा।
फ्लैटेड फैक्ट्री चार-चार मंजिला होगी। इसमें अलग-अलग तरीके की सुविधाएं होंगी। जिसमें मल्टीपरपज हॉल, मीटिंग रूम्स, ऑफिस स्पेस, कॉन्फ्रेंस रूम के साथ-साथ कई अन्य सुविधाएं भी होंगी। लघु उद्योगों के जरिए लोगों को रोजगार देने वालों को उसमें प्राथमिकता मिलेगी और साथ ही साथ नए स्टार्टअप करने वालों को भी मौका दिया जाएगा। दो अलग-अलग प्लॉट में इनको बनाया जाएगा। 60 मीटर की करीब 126 यूनिट, 90 मीटर की करीब 64 और 122 मीटर की करीब 50 यूनिट बनाई जाएंगी। छोटे से लेकर बड़े जरूरतों के हिसाब से इसे बनाया जा रहा है।
यमुना अथॉरिटी के सीईओ अरुण वीर सिंह ने बताया कि इनको बनाने का मकसद उद्योगों को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना है और ज्यादा से ज्यादा रोजगार का सृजन करने की कोशिश है। उन्होंने बताया कि 20 हजार स्क्वायर मीटर के क्षेत्रफल में करीब 114 करोड़ की लागत से एक फ्लैटेड फैक्ट्री का निर्माण कराया जाएगा। ऐसे 2 फैक्ट्री बनाई जाएंगी। इनको बनाने का कार्य जल्दी शुरू होगा और करीब 8 से 9 महीने के वक्त में ये तैयार हो जाएंगे। इन्हें काफी कम कीमतों पर उद्यमियों और अन्य लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वह सरलता के साथ अपना उद्योग और अपना स्टार्टअप यहां से शुरू कर सकते हैं।
–आईएएनएस
पीकेटी/एबीएम