विजयवाड़ा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। कौशल विकास घोटाले में न्यायिक हिरासत में बंद आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की ‘हाउस कस्टडी’ याचिका पर विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट मंगलवार को आदेश देगा।
दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
नायडू के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने इस आधार पर चंद्रबाबू नायडू की ‘हाउस कस्टडी’ के आदेश की मांग की कि वह जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा में हैं और उन्हें जेल में खतरा है।
उन्होंने जेल में अपनी सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों पर संदेह जताया। उन्होंने बताया कि जेल में गंभीर अपराध के दोषी बंद हैं।
लूथड्रा ने अपने तर्कों के समर्थन में विभिन्न छह मामलों में हाउस कस्टडी के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया।
सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पी. सुधाकर रेड्डी ने मामले की पैरवी की। उन्होंने जज से कहा कि नायडू को उनके घर से ज्यादा सुरक्षा जेल में मिलेगी।
उन्होंने अदालत को नायडू की सुरक्षा और भोजन के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया। जेल महानिदेशक का एक पत्र, जिसमें राजमुंदरी जेल अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों की सूची थी, अदालत को प्रस्तुत किया गया।
कोर्ट को बताया गया कि जेल की दीवारें 50 फीट ऊंची हैं। जेल के अंदर और बाहर पुलिस चौबीसों घंटे सुरक्षा में तैनात है।
एएजी ने अदालत को यह भी बताया कि नायडू का स्वास्थ्य ठीक है और जेल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
अदालत ने रविवार को नायडू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बाद में उन्हें राजमुंदरी सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।
–आईएएनएस
एकेजे
विजयवाड़ा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। कौशल विकास घोटाले में न्यायिक हिरासत में बंद आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की ‘हाउस कस्टडी’ याचिका पर विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट मंगलवार को आदेश देगा।
दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
नायडू के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने इस आधार पर चंद्रबाबू नायडू की ‘हाउस कस्टडी’ के आदेश की मांग की कि वह जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा में हैं और उन्हें जेल में खतरा है।
उन्होंने जेल में अपनी सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों पर संदेह जताया। उन्होंने बताया कि जेल में गंभीर अपराध के दोषी बंद हैं।
लूथड्रा ने अपने तर्कों के समर्थन में विभिन्न छह मामलों में हाउस कस्टडी के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया।
सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पी. सुधाकर रेड्डी ने मामले की पैरवी की। उन्होंने जज से कहा कि नायडू को उनके घर से ज्यादा सुरक्षा जेल में मिलेगी।
उन्होंने अदालत को नायडू की सुरक्षा और भोजन के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया। जेल महानिदेशक का एक पत्र, जिसमें राजमुंदरी जेल अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों की सूची थी, अदालत को प्रस्तुत किया गया।
कोर्ट को बताया गया कि जेल की दीवारें 50 फीट ऊंची हैं। जेल के अंदर और बाहर पुलिस चौबीसों घंटे सुरक्षा में तैनात है।
एएजी ने अदालत को यह भी बताया कि नायडू का स्वास्थ्य ठीक है और जेल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
अदालत ने रविवार को नायडू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बाद में उन्हें राजमुंदरी सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया।
–आईएएनएस
एकेजे