रायपुर, 30 जनवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में पहचान छुपाकर रहने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन अभियान चला रहा है। राजधानी रायपुर में करीब दो हजार लोगों को वेरिफिकेशन के लिए पुलिस लाइन में लाया गया है।
एडीएसपी लखन पटले ने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, “हमें सभी थानों से सूचना मिल रही थी कि बाहरी लोग पुलिस को बताए बिना इलाके में रह रहे हैं। इस सूचना को सत्यापित करने के लिए हमने एक अभियान चलाया है। विभिन्न थाना-क्षेत्रों से करीब दो हजार से अधिक लोगों को लाया गया है। सभी का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। उनके संबंध में जानकारियां एकत्रित की जा रही हैं कि वे यहां किस तरह के कार्य में शामिल हैं। जहां से यह आए हैं, वहां के स्थानीय थानों में इनकी जानकारी साझा की जाएगी और वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इससे यह पता चल सकेगा कि ये लोग किसी आपराधिक गतिविधि में तो शामिल नहीं हैं। थानों से जो जानकारी मिलेगी उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राजस्थान से हैं। कुछ लोग जम्मू-कश्मीर के भी हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं की पहचान के लिए बिना पुलिस को जानकारी दिए रह रहे बाहरी लोगों के खिलाफ प्रशासन अभियान चला रहा है।
रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर देश के कई दूसरे राज्यों में भी अभियान चलाया जा रहा है। अभी हाल ही में दिल्ली में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ पुलिस ने अभियान चलाया था। पुलिस के इस अभियान की लोगों ने तारीफ भी की थी। लोगों का कहना था कि पुलिस के इस अभियान से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
–आईएएनएस
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