रांची, 26 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के 19वें दिन बुधवार को जमशेदपुर पश्चिम के जदयू विधायक सरयू राय ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखा। स्पीकर की अनुमति के बाद सरयू राय ने विधानसभा में इस पर अपना संक्षिप्त वक्तव्य दिया।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में सभा-सदस्य के किसी प्रश्न का गलत और गुमराह करने वाला उत्तर देना सदन की अवमानना है। यह सभा-सदस्य के सही उत्तर जानने के अधिकार का हनन है।
सरयू राय ने कहा कि 21 मार्च, 2025 को मेरे अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को गुमराह किया और स्वास्थ्य विभाग में सही प्रतिवेदन होने के बावजूद उन्होंने प्रश्न के कंडिका-2 का गलत उत्तर दिया है।
उनके अनुसार, उनका प्रश्न झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल में निबंधक-सह-सचिव पद पर अनियमित तरीके से नियुक्ति करने के विषय में था।
कंडिका-2 में उन्होंने पूछा था कि किसी फार्मासिस्ट का पंजीयन एक ही दुकान के लिए होता है, परंतु राज्य सरकार ने वैसे व्यक्ति को फार्मेसी काउंसिल का सचिव-सह-निबंधक नियुक्त किया है, जिसका पंजीयन एक से अधिक स्थानों पर है। इस बारे में सहायक निदेशक (औषधि), दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल द्वारा निदेशक (औषधि), राज्य औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला, झारखंड को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि उस व्यक्ति का अलग-अलग रजिस्ट्रेशन अलग-अलग स्थानों पर है। जांच में फार्मेसी द्वारा सहयोग नहीं किया गया और आवश्यक सूचनाएं नहीं दी गईं।
राय ने कहा कि उनके प्रश्न के उत्तर में सरकार ने इस तथ्य को छिपाया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री को गुमराह किया है। इसी कारण से उन्होंने सदन पटल पर उनके प्रश्न का गलत और भ्रामक उत्तर रखा है। सदन में किसी सदस्य के प्रश्न का गलत और भ्रामक उत्तर देना विधानसभा की अवमानना है और सदस्य के विशेषाधिकार का हनन है।
विधानसभा में इस प्रस्ताव के पक्ष में भाजपा, जदयू, लोजपा और आजसू के सभी विधायक खड़े हो गए और कार्रवाई की मांग करने लगे।
इस पर स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि वे इस प्रस्ताव को देखेंगे और अगर यह सही पाया गया तो नियम संगत कार्रवाई करेंगे।
–आईएएनएस
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