उमरिया,देशबन्धु. उमरिया जिले के पाली विकास खंड की प स वृत्त कठई वन परिक्षेत्र मानपुर जो प्राकृतिक वन संपदा से हरी भरी लहलहा रही है,वहीं पर अमरकंटक की मैकल पर्वत श्रृंखला से बहते हुए विशाल स्वरूप में जोहिला कठई घने जंगलों से गुजरती है वहीं पर घुनघुटी के जंगल से निकलता तिखना नाला जो जोहिला नदी में आकर समाहित हो रही है,यह संगम का नजारा देख कर हर एक दर्शक का मन मुग्ध हो जाता है।
संगम स्थल से उत्तर दिशा में लगभग दो -तीन किलोमीटर दूर तक जोहिला नदी में जो जल भराव भीषण गर्मी में भी वातावरण में ठंडक फैला रही है ।जोहिला नदी में नाव की सैर शुरू करा दिया गया है ।यह क्षेत्र वर्तमान में राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ क्षेत्र के बफर जोन में आता है । बैरियर नाका चिनकी के पास से दो पहिया – चार पहिया वाहनों के माध्यम से इस जोहिला संगम तक लोग आसानी से पहुंच सकते हैं ।
बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में हजारों पर्यटको का आना-जाना लगातार बना रहता है, बताया जाता है कि बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन इस स्थल को भी इको पर्यटक स्थल बनाने की प्रक्रिया पूर्ण कर लिया है, इस स्थल में इको पर्यटन प्रारम्भ होने से स्थानीय लोगो का बेहतर आमदनी का जरिया बन सकता है ,साथ ही शासन के खजाने भरने का भी माध्यम बन सकता है ।
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