जबलपुर. जिले में जल्द ही न सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी बल्कि इनका किराया भी महज दो रुपए प्रति किलोमीटर होगा। जबलपुर के साथ ही यह सेवा इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में एक साथ प्रारंभ होने जा रही हैं।
जिले में 100 बसों के साथ पूरे प्रदेश में 552 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी। ये बसें पर्यावरण संरक्षण और बेहतर शहरी परिवहन को बढ़ावा देंगी। संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर होगा।
अक्टूबर से होगी शुरुआत
प्रदेश सरकार अक्टूबर 2025 से इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर में इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने जा रही है। इन 6 शहरों में 552 बसों का संचालन किया जाएगा। इनका संचालन पीपीपी मॉडल पर होगा और यात्रियों को से 2 रुपए प्रति किमी में सफर करने की सुविधा मिलेगी।
योजना में 10 नए डिपो, चार्जिंग स्टेशन और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इनमें से 472 मिडी बसें होंगी जिनमें 26 यात्री बैठ सकते हैं, जबकि 110 मिनी बसें 21 सीटर होंगी।
जारी हुए टैंडर
इस संबंध में भोपाल में टेंडर जारी हुए हैं। भोपाल नगर निगम ने शहर में 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए बीसीएलएल एक आधुनिक मेंटेनेंस हब तैयार करेगा। जिसमें ई-बसों की रिपेयरिंग और चार्जिंग की सुविधाएं होंगी। नगर निगम ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से संचालित होगी।
केंद्र सरकार से भी मिलेगा सब्सिडी
बस संचालन के लिए केंद्र सरकार से भी सब्सिडी मिलेगी। इसके लिए सरकार का खर्चा 58.14 रुपए प्रति किमी होगा जिसमें से 22 रुपए केंद्र सरकार देगी। ई-बसों का संचालन मॉडल के तहत ऑपरेटर को हर किलोमीटर संचालन के लिए 58.14 का भुगतान किया जाएगा। जिसमें से 22 केंद्र सरकार वहन करेगी। यात्रियों के लिए अनुमानित किराया 2 रुपए होगा। जो वर्तमान की सिटी बस सेवाओं की तुलना में काफी सस्ता होगा।
यात्री सुविधा के अनुसार तय होंगे रूट और टाइमिंग
बसों का संचालन यात्रियों की मांग और समय और मांग पर आधारित होगा। ट्रेन टाइम और ट्रैफिक पैटर्न के हिसाब से टाइमिंग तय होगी। हर शहर के लिए 20 साल की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए रूट प्लान तैयार किया जा रहा हैं। इसमें मेट्रो, ऑटो, बस और साइकिल मार्गों का समावेश होगा।
ऑफिस टाइम और ट्रैफिक पैटर्न के अनुसार ई-बसों के रूट और समय तय किए जाएंगे ताकि यात्रियों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
टिकटिंग सिस्टम में आएगा बड़ा बदलाव
यात्रियों को डिजिटल सुविधा प्रदान करने के लिए बसों में नई कार्ड व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही हैं। इससे यात्री मेट्रो, बस और साइकिल सेवाओं के लिए एक ही कार्ड से भुगतान कर सकेंगे। किराया निर्धारण की जिम्मेदारी संबंधित निकायों को सौंपी गई है।