जबलपुर,देशबन्धु. रमजान शरीफ की पाक रात शबे कद्र आज है। इस मौके पर नगर एवं उपनगरीय क्षेत्रों की 100 से ज्यादा मस्जिदों व नमाजगाहो मे रात्रिकालीन तरावीह की विशेष नमाज में कुरान शरीफ का पाठ पूर्ण किया जाएगा। जिसके बाद हाफिज साहिबान की दस्तारबंदी कर इस्तकबाल किया जाएगा। मस्जिद कमेटी एवं नमाजियो द्वारा हाफिजो को नजराने व तोहफे पेश किये जाएँगे। इस अवसर पर मस्जिदों मे आकर्षक विधुत सज्जा की गई है। मुस्लिम धर्मालबियों के अनुसार ये रात हजारों रात से अफज़ल रात है । इस रात में इबादत करना चाहिए और अल्बह से गुनाहों की तौबा करना चाहिए।
दस्तारबंदी – पाक रात शबे कद्र के मौके पर रात्रि 10 बजे मदनी मिल्लत सेवा समिति के तत्वावधान में मुफ्ती ए आज़म मध्यप्रदेश की सरपरस्ती में जश्ने दस्तार बंदी का आयोजन मुस्लिम बहुल क्षेत्र चार खम्बा में किया जाएगा।
जिसमें शहर की तमाम मस्जिदों तरावीह की विशेष नमाज अदा कराने वाले हाफिज साहिबान की दस्तार बंदी कर इस्तकबाल किया जाएगा। गौरतलब है की समिति द्वारा विगत 30 वर्षों लगातार आयोजन किया जा रहा है। समिति के संरक्षक वरिष्ठ समाज सेवी मतीन अंसारी, अध्यक्ष आसिफ भाई, गुड्डू बाबा, अफरोज अंसारी, नुरुद्दीन अंसारी आदि ने हाफिज साहिबान एवं अकीदतमंदो से की गुजारिश की है। इसके आलावा शहर के अन्य स्थानों में भी अन्य कमेटीयों द्वारा हाफिज साहिबान की दस्तारबंदी की जाएगी।
दरबारे बुनियादी- रमजान के 25 वे रोजे पर सूजी मोहल्ला स्तिथ हज़रत बुनियाद अली शाह रहमतुल्ला अलैह की दरगाह में अफ्तार ए आम का एहतेमाम किया गया। मेराज बाबा जमाली ने आयोजन की सरपरस्ती फरमाई। मगरिब की अजान बुलंद होते ही रोजेदारों ने अफ्तार किया। अफ्तार मे हिन्दू धर्मालंबी एवं जनप्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे। अफ्तारोपरान्त मगरिब की सामूहिक नमाज मौलवी रियाज आलम मुहम्म्दी ने अदा कराई। नमाजोपरान्त मुल्क की तरक्की खुशहाली की दुआएं मांगी गई। सूफ़ी खादिम बाबा जमाली ने इस मौके पर कहा कि इस दरबार ने शहर को हमेशा शांति सद्भावना एकता का संदेश दिया है!
अपील- मुस्लिम समाज के हाजी कदीर सोनी, हाजी मकबूल अहमद रजवी, हाजी शेख जमील नियाजी, पप्पू वसीम खान, मतीन अंसारी, बाबा रिजवान, हाजी मुईन खान, जमा खान, अकबर खान, मुबारक कादरी, सैय्यद कादिर अली कादरी, शमीम अंसारी गुड्डू, अशरफ मंसूरी, जवाहर कादरी ने शबे कद्र के दौरान हाफिज साहिबान का इस्तकबाल के बाद जुलूस की शक्ल में मोटर साईकिल रैली नहीं निकालने एवं आतिशबाजी बम बाजी नहीं करने की अपील की है और नौजवानों को शालिनता और सद्भभावना के साथ हाफिज साहिबान को उनके मकाम तक पहुंचाने की अपील की है।