गोटेगांव, देशबन्धु.सहकारी संस्थाओं का उपक्रम नगर में कई वर्ष पहले अपना परचम लहराने वाली सहकारी विपणन संस्था मर्यादित गोटेगांव जो कई वर्षों से बंद पड़ी है जिसका कायाकल्प होना आज के युग में अति आवश्यक हो गया है पहले यह संस्था नगर और ग्रामों में एक शुमार थी और अब धीरे-धीरे शासन की नीति और संस्था के नुमाइंदों ने इसे डुबा दिया जिससे यह संस्था गर्त में चली गई। लिहाजा इतनी बड़ी बिल्डिंग में मात्र एक राशन की दुकान सिर्फ है जो संस्था को मुंह चिढ़ा रही है।
स्मरण हो कि पहले इस संस्था में मिट्टी का तेल, मीठा तेल, शक्कर, अनाज और शिक्षा के मंदिर के छात्रों के लिए कॉपियां भी मिलती थी इतना ही नहीं स्टेशनरी और कपड़ा भी राशन कार्ड पर उचित दाम पर जनता को उपलब्ध कराया जाता है किंतु अब यह दूर की कौड़ी सिद्ध हो रही है पहले इसका नाम सहकारी विपणन संस्था गोटेगांव था परंतु अब तो बोर्ड भी नहीं बचा। इतना सभी कुछ होते हुए भी यह संस्था नहीं बच पाई।जानकारों ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन इस संस्था को उचित दाम पर जनता को देने के लिए जीवन यापन की वस्तुएं उपलब्ध कराता था परंतु अब यह संस्था धीरे-धीरे उजड़ने की ओर अग्रसर है यदि शासन इस दिशा में इस संस्था को जीवन दान देती है तो इसे जीवित कर पुन: चालू करने के लिए शासन को सभी वस्तुएं और अनुदान उपलब्ध कराना होगा। यह अर्ध शासकीय संस्था में गिनी जाती है जिसमें वाकायदा अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों का चुनाव होता है और यह समिति इस संस्था को संचालित करती थी।
आशा है शासन इस दिशा में कोई ठोस पहल करे तो इसका लाभ जनता को फिर से मिलने लग जाएगा।