Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

आंध्र प्रदेश में जहरीला दूध पीने से 15 मौतें, आरोपी सप्लायर गिरफ्तार

आंध्रप्रदेश के राजमहेंद्रवरम से एक ऐसी वीभत्स घटना सामने आई है जिसने देशभर में आक्रोश और चिंता की लहर पैदा कर दी है। एक स्थानीय दूध विक्रेता द्वारा दूध में औद्योगिक शीतलक (Industrial Coolant) एथिलीन ग्लाइकॉल (Ethylene Glycol) मिलाए जाने के कारण अब तक 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस जहरीले दूध के सेवन से नवजात शिशुओं सहित लगभग 20 अन्य लोग अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि सभी पीड़ितों की मृत्यु 'मल्टी-ऑर्गन फेल्योर' और 'एक्यूट किडनी फेल्योर' के कारण हुई है।

16 फरवरी से शुरू हुआ मौत का सिलसिला

यह पूरा मामला राजमहेंद्रवरम के लालाचेरुवू (Lalacheruvu) क्षेत्र का है। 16 फरवरी को इस इलाके में दूध की सप्लाई के बाद अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। मरीजों में पेशाब रुकने, किडनी में गंभीर सूजन और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण देखे गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब 22 फरवरी को काकीनाडा सरकारी अस्पताल में 76 वर्षीय ताड़ी कृष्णावेणी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद एक-एक कर कई मामले सामने आए, जिनमें समानता यह थी कि सभी पीड़ित एक ही सप्लायर से दूध ले रहे थे।

मुनाफे के चक्कर में जान से खिलवाड़

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी दूध विक्रेता अडाला ज्ञानेश्वर राव (Addala Ganeswararao) आसपास के 43 किसानों से दूध इकट्ठा करता था। उसने दूध को लंबे समय तक संरक्षित रखने या अन्य किसी अज्ञात व्यावसायिक लाभ के लिए उसमें जहरीला एथिलीन ग्लाइकॉल मिला दिया। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि की है कि दूध और दही के नमूनों में इस घातक रसायन की मौजूदगी थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 15 फरवरी को ही कुछ ग्राहकों ने दूध के कड़वे स्वाद की शिकायत की थी, लेकिन आरोपी ने चेतावनी को नजरअंदाज कर सप्लाई जारी रखी।

कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक जांच

पुलिस ने आरोपी विक्रेता को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्रशासन अब इस पूरी सप्लाई चेन और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी को यह प्रतिबंधित औद्योगिक रसायन कहाँ से प्राप्त हुआ। इस घटना ने अनौपचारिक दूध सप्लाई सिस्टम (Unorganized Milk Supply) और स्थानीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम जनता में गहरा डर व्याप्त है।

Share:

Leave A Reviews

Related News