नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
![]()
नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
9 अगस्त 2026 को (रविवार) श्रावण माह के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि (कामिका एकादशी) सुबह 11:05 बजे तक है। इसके बाद द्वादशी लग जाएगी। कामिक एकादशी होने की वजह से इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करना फलदाई माना जाता है। सावन की वजह से भगवान शिव की पूजा करना उत्तम माना जाता है।
रविवार को सुबह 6:04 बजे सूर्योदय और शाम 7:00 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 01:53 बजे चंद्रोदय और अगले दिन दोपहर 04:15 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा दोपहर 2:43 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र लग जाएगा।
रविवार को पूरे दिन हर्षण योग रहेगा। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:58 तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा।
वहीं, राहुकाल दोपहर 05:23 बजे से शाम 7:00 बजे और गुलिक काल सुबह 3:46 से दोपहर 5:23 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल दोपहर 12:32 से 2:09 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।
रविवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित रहेगा। पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।
--आईएएनएस
एसडी/एएस
Leave A Reviews