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आदित्य ठाकरे की वजह से ही शिवसेना (यूबीटी) छोड़ रहे नेता: नितेश राणे


मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने शिवसेना (यूबीटी) की तुलना पश्चिम बंगाल के टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) से की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से तृमणूल कांग्रेस में अभिषेक बनर्जी हैं, उसी तरह से शिवेसना (यूबीटी) में आदित्य ठाकरे हैं।

मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने शिवसेना (यूबीटी) की तुलना पश्चिम बंगाल के टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) से की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से तृमणूल कांग्रेस में अभिषेक बनर्जी हैं, उसी तरह से शिवेसना (यूबीटी) में आदित्य ठाकरे हैं।

उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर आज की तारीख में शिवसेना (यूबीटी) से नेताओं का मोह भंग हो रहा है और दूसरे दलों में जा रहे हैं तो निश्चित तौर पर इसके लिए जिम्मेदार कोई और नहीं, बल्कि आदित्य ठाकरे हैं।

नितेश राणे के मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर दूसरे दलों में जाने वाले नेताओं ने यह बात खुद कही है कि आदित्य ठाकरे चाहते थे कि शिवसेना (यूबीटी) का विलय कांग्रेस में हो जाए। मैंने सुना है कि आदित्य ठाकरे की राहुल गांधी से मुलाकात भी हुई थी, जिसमें उन्हें कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी का पद देने को लेकर भी सहमति बन गई थी।

उन्होंने कहा कि जो सांसद शिवसेना (यूबीटी) में बाला साहेब ठाकरे के सिद्धांतों पर चलने वाले थे। ऐसे लोग भला कांग्रेस में कैसे शामिल होंगे। इन्हीं सब स्थिति को ध्यान में रखते हुए शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों ने एकनाथ शिंदे के शिवसेना में शामिल होने का फैसला किया, क्योंकि इन सांसदों ने कांग्रेस में शामिल होने के फैसले का सीधे तौर पर इनकार कर दिया।

इसके अलावा, भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने भी शिवसेना (यूबीटी) की दुर्दशा पर अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, संजय राउत लगातार अपने आका को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इससे उन्हें कुछ प्राप्त होने वाला नहीं है। संजय राउत कुछ भी बोलते रहते हैं। उनकी बातों में किसी भी प्रकार का तथ्य नहीं होता है। संजय राउत को चाहिए था कि वो अपने सांसदों को विश्वास में लेते, उनके लिए उपलब्ध रहते, लेकिन अफसोस उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया। इसके विपरीत, उन्होंने अपने सांसदों को अपमानित किया, उन्हें नीचा दिखाया, उनके लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया। यही वजह है कि आज शिवसेना (यूबीटी) की स्थिति ऐसी बनी हुई है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर संजय राउत जैसे सलाहकार उद्धव ठाकरे के पास हैं तो मैं एक बात दावे के साथ कह सकता हूं कि उन्हें दुश्मन की कोई जरूरत नहीं है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

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