
नई दिल्ली. अक्षय तृतीया पर्व हिंदू धर्म में इस दिन को 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। खासकर सोने की खरीदारी के लिए यह दिन साल का सबसे श्रेष्ठ दिन माना जाता है।
अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि लक्ष्मी कृपा के लिए सोना सुबह खरीदना चाहिए या शाम को। धार्मिक शास्त्रों और विशेषज्ञों के अनुसार:
पूरा दिन है शुभ: वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि जब तक रहती है, उसका हर क्षण अक्षय पुण्य देने वाला होता है।
सुविधानुसार खरीदारी: अक्षय तृतीया पर आप सुबह से लेकर रात तक अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी सोना, चांदी या आभूषण खरीद सकते हैं। इस तिथि का पूरा समय ही शुभ कार्यों के लिए सिद्ध माना गया है।
समय का बंधन नहीं: इस पावन दिन पर सुबह या शाम का कोई विशेष बंधन नहीं है; जब आप खरीदारी करेंगे, वही समय आपके लिए मंगलकारी होगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2026 की अक्षय तृतीया बेहद दुर्लभ है क्योंकि इस दिन 6 शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। इन योगों की उपस्थिति के कारण इस दिन किया गया दान, स्नान और निवेश (सोना खरीदना) कई गुना अधिक फलदायी होगा। माना जाता है कि इस दिन खरीदा गया सोना घर में कभी न खत्म होने वाली खुशहाली और बरकत लाता है।
अक्षय तृतीया के अवसर पर सर्राफा बाजारों में सुबह से ही रौनक रहने की उम्मीद है। ज्वैलर्स ने ग्राहकों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। चूंकि इस बार रविवार का दिन है, इसलिए बाजारों में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। लोग अपनी क्षमतानुसार सोने के सिक्के, गिन्नी या भारी आभूषणों की बुकिंग पहले ही करा चुके हैं।
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