Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

ईरानी जहाज 'तोस्का' को अमेरिका ने किया जब्त, तनाव बढ़ा

अमेरिका। ओमान की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र उस समय युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गया जब अमेरिकी नौसेना ने ईरान के वाणिज्यिक मालवाहक जहाज 'तोस्का' (TOUSKA) को बलपूर्वक अपने कब्जे में ले लिया। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे "सशस्त्र समुद्री डकैती" करार दिया है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि इस उकसावे वाली कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा।

ईरान के सैन्य मुख्यालय 'हजरत खतम अल-अंबिया' द्वारा जारी बयान के अनुसार, अमेरिकी मरीन ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हुए जहाज पर हमला किया और उसके नेविगेशन सिस्टम को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया।

डोनाल्ड ट्रंप का दावा: 'इंजन रूम में किया छेद'

इस सैन्य कार्रवाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर ने जहाज को रुकने की चेतावनी दी थी, लेकिन ईरानी क्रू ने आदेशों की अनदेखी की।

ट्रंप के अनुसार, स्थिति को देखते हुए अमेरिकी नौसेना ने 'डायरेक्ट हिट' करते हुए जहाज के इंजन रूम में छेद कर दिया, जिससे जहाज वहीं रुक गया। इसके बाद अमेरिकी मरीन ने जहाज पर चढ़कर उसे पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। अमेरिका इस कार्रवाई को अपनी सुरक्षा और नौसैनिक नाकेबंदी के अनुपालन के रूप में देख रहा है।

सेंटकॉम (CENTCOM) ने कार्रवाई को बताया पेशेवर

यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस अभियान का विवरण साझा करते हुए बताया कि गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS स्प्रुअंस (DDG 111) ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। अमेरिका का आरोप है कि 'तोस्का' जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था।

अमेरिकी सेना के अनुसार, मरीन वर्तमान में जहाज के भीतर गहन तलाशी ले रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें किस तरह की सामग्री या संदिग्ध हथियार ले जाए जा रहे थे। सेंटकॉम ने इस पूरी कार्रवाई को "पेशेवर और संतुलित" बताया है, जबकि ईरान इसे संप्रभुता का उल्लंघन मान रहा है।

शांति वार्ता से ठीक पहले बढ़ा कूटनीतिक संकट

हैरानी की बात यह है कि यह घटना उस समय हुई जब दोनों देश वार्ता की मेज पर लौटने वाले थे। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही घोषणा की थी कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पाकिस्तान में ईरानी अधिकारियों के साथ दूसरे दौर की बातचीत करेगा।

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करने वाले हैं, जिनके साथ जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी शामिल हैं। जानकारों का मानना है कि 'तोस्का' की जब्ती इस बातचीत की संभावनाओं को खतरे में डाल सकती है और खाड़ी क्षेत्र में सैन्य संघर्ष को और अधिक हवा दे सकती है।

Share:

Leave A Reviews

Related News