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अमिताभ बच्चन ने ईरान के हिंदू विष्णु मंदिर का वीडियो किया शेयर, दोनों देशों के पुराने रिश्तों की दिलाई याद


मुंबई, 17 मई (आईएएनएस)। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर ईरान के बंदर अब्बास शहर में बने एक हिंदू विष्णु मंदिर का वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो के जरिए उन्होंने भारत और ईरान के पुराने सांस्कृतिक रिश्तों की झलक दिखाने की कोशिश की। अभिनेता का यह पोस्ट लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।

मुंबई, 17 मई (आईएएनएस)। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर ईरान के बंदर अब्बास शहर में बने एक हिंदू विष्णु मंदिर का वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो के जरिए उन्होंने भारत और ईरान के पुराने सांस्कृतिक रिश्तों की झलक दिखाने की कोशिश की। अभिनेता का यह पोस्ट लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।

अमिताभ बच्चन द्वारा इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में मंदिर की खूबसूरत झलक दिखाई दे रही है। इसमें मंदिर की पुरानी बनावट, उसकी दीवारें और शांत माहौल नजर आ रहा है। इसके साथ एक फारसी गीत भी सुनाई दे रहा है। इस गीत के जरिए ईरान की संस्कृति की झलक भी दिखाई गई है।

पोस्ट के साथ अमिताभ बच्चन ने कैप्शन में लिखा, ''यह हिंदू विष्णु मंदिर ईरान के बंदर अब्बास शहर में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण साल 1892 में काजार युग के दौरान कराया गया था। यह मंदिर उन भारतीय हिंदू व्यापारियों के लिए बनाया गया था, जो उस समय बंदर अब्बास में काम करते थे।''

अमिताभ बच्चन ने आगे लिखा, ''वीडियो में जो गीत सुनाई दे रहा है, वह फारसी भाषा का गीत है।''

यह हिंदू विष्णु मंदिर करीब 135 साल पुराना है। भारत और ईरान के संबंध हजारों साल पुराने माने जाते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति, भाषा और धर्म के जरिए लंबे समय से जुड़ाव रहा है।

इतिहासकारों के मुताबिक, विभाजन से पहले भारत और ईरान की सीमाएं भी एक-दूसरे के काफी करीब थीं। समुद्री रास्तों के जरिए दोनों देशों के व्यापारी सदियों तक आपस में व्यापार करते रहे।

इतिहास में फारसी संस्कृति का भारत पर गहरा असर देखने को मिलता है। खासकर मुगल काल में फारसी भाषा का इस्तेमाल प्रशासन, साहित्य और राजदरबार में बड़े स्तर पर होता था। उस दौर में फारसी भाषा को बहुत सम्मान दिया जाता था। यही वजह है कि आज भी हिंदी, उर्दू, पंजाबी, बंगाली और कश्मीरी जैसी कई भारतीय भाषाओं में फारसी के हजारों शब्द इस्तेमाल होते हैं।

भारत की आजादी के बाद, दोनों देशों ने साल 1950 में आधिकारिक रूप से अपने राजनयिक संबंध शुरू किए। हालांकि, शीत युद्ध के समय दोनों देशों की विदेश नीतियां अलग-अलग थीं, लेकिन इसके बावजूद सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते बने रहे।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम

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