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'आन' की 'मंगला': निम्मी को नाना ने बनाया था 'नवाब', नाम के पीछे दिलचस्प किस्सा

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा जगत में ऐसे कई सितारे हुए, जो आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, मगर उनकी चमक बरकरार है। सिनेमा जगत के स्वर्ण युग की अभिनेत्री निम्मी भी एक ऐसा ही चमकता सितारा रहीं। निम्मी की जिंदगी सादगी, संघर्ष और मजबूत मूल्यों की मिसाल रही है।

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा जगत में ऐसे कई सितारे हुए, जो आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, मगर उनकी चमक बरकरार है। सिनेमा जगत के स्वर्ण युग की अभिनेत्री निम्मी भी एक ऐसा ही चमकता सितारा रहीं। निम्मी की जिंदगी सादगी, संघर्ष और मजबूत मूल्यों की मिसाल रही है।

कम लोग ही जानते हैं कि उनका असली नाम निम्मी नहीं, बल्कि नवाब बानो है। उनका नाम सुनते ही लोग उनके अभिनय और सादगी को याद करते हैं, लेकिन उनके नाम के पीछे छिपी एक दिलचस्प और अनोखी कहानी है, जो उनके बचपन और नाना के ख्वाब से जुड़ी है। 18 फरवरी को उनकी जयंती है।

निम्मी का जन्म आगरा के एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। एक इंटरव्यू के दौरान निम्मी ने अपने नाम के पीछे के किस्से को मजेदार अंदाज में सुनाया था। निम्मी ने बताया था कि उनके नाना एक छोटे जमींदार थे और वह हमेशा चाहते थे कि ब्रिटिश सरकार उन्हें 'नवाब' का खिताब दे, लेकिन उनकी लाख कोशिशों के बाद भी ऐसा कभी नहीं हुआ। जब निम्मी पैदा हुईं तो घर में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी नानी ने नाना को जाकर यह खुशखबरी देते हुए कहा कि "मुबारक हो, बच्चा हो गया।" नाना ने तुरंत कहा, "फौरन उसका नाम नवाब रख दो, नवाब का खिताब दे दो।" नानी ने कहा, "अरे, लड़की है," लेकिन नाना ने जवाब दिया, "लड़की हो या लड़का, नवाब का खिताब तो फौरन दे दो," और इस तरह उनका नाम 'नवाब' पड़ा। बाद में नानी ने प्यार से 'बानो' जोड़ दिया और नाम हो गया 'नवाब बानो'।

फिल्मों में आने के बाद राज कपूर ने उन्हें 'निम्मी' नाम दिया, जो उनके चेहरे की मासूमियत और सादगी से मेल खाता था। निम्मी ने इसी नाम से 'बरसात', 'दीदार', 'आन', 'उड़न खटोला', 'कुंदन' और 'बसंत बहार' जैसी क्लासिक फिल्मों में काम किया। खासकर महबूब खान की साल 1952 में आई फिल्म 'आन' में उनका किरदार 'मंगला' बहुत लोकप्रिय हुआ। इस फिल्म में वह एक ग्रामीण लड़की के रूप में नजर आईं और उनका अभिनय दर्शकों के दिलों में बस गया।

'आन' का अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर लंदन के रियाल्टो थिएटर में हुआ, जहां इसे 'सेवेज प्रिंसेस' के नाम से रिलीज किया गया। इस मौके पर निम्मी भी मौजूद थीं। निम्मी को 'अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने अपने करियर में कभी स्क्रीन पर किस नहीं किया। साथ ही उन्होंने आन के प्रीमियर में एक निर्देशक को हाथ पर किस करने से भी साफ मना कर दिया था, जिस वजह से उन्हें यह टैग मिला। यह उनकी सिद्धांतों और मूल्यों की मिसाल थी। हॉलीवुड से भी उन्हें ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने अपने उसूलों के चलते उसे ठुकरा दिया।

निम्मी का बचपन आसान नहीं था। छोटी उम्र में मां को खो दिया और स्कूल भी नहीं जा पाईं, लेकिन अपनी मेहनत और प्रतिभा से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। राज कपूर ने 'बरसात' के लिए उन्हें चुना, जब वे 'अंदाज' की शूटिंग देखने गई थीं। राज कपूर ने उन्हें राखी बांधकर आत्मीयता दी, जिससे उनका डर दूर हो सका।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी

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