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'आनंदपूर्ण समय तेजी से बीत जाता है', आशुतोष राणा और रेणुका शहाणे की शादी के 25 साल पूरे


मुंबई, 25 मई (आईएएनएस)। अभिनेता आशुतोष राणा और उनकी पत्नी, अभिनेत्री रेणुका शहाणे, सोमवार को शादी की 25वीं सालगिरह मना रहे हैं। इस अवसर पर, अभिनेता ने अपनी पत्नी के साथ बिताए गए पुराने पलों को फिर से याद किया।

मुंबई, 25 मई (आईएएनएस)। अभिनेता आशुतोष राणा और उनकी पत्नी, अभिनेत्री रेणुका शहाणे, सोमवार को शादी की 25वीं सालगिरह मना रहे हैं। इस अवसर पर, अभिनेता ने अपनी पत्नी के साथ बिताए गए पुराने पलों को फिर से याद किया।

अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर पत्नी संग बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं। इसके साथ, उन्होंने रेणुका शहाणे के लिए मन के भाव शब्दों के जरिए बयां करते हुए कहा कि अच्छा वक्त जल्दी बीत जाता है और उसका एहसास नहीं होता है।

उन्होंने लिखा, "आनंदपूर्ण समय तेजी से बीत जाता है, उसके गुजरने का पता ही नहीं चलता, लगता है जैसे कल की बात थी। देखते ही देखते आज मेरे और परमप्रिय रेणुका जी के विवाह के 25 वर्ष पूर्ण हो गए।"

उन्होंने पत्नी रेणुका शहाणे की तारीफ करते हुए बताया, "आदरणीय रेणुका जी के साथ बीते 25 वर्षों के अनुभव के आधार पर कहता हूं कि विवाह एक दूसरे के व्यक्तित्व को बदलने का नहीं बल्कि एक दूसरे के व्यक्तित्व को बढ़ाने, परिष्कृत करने का कार्य करता है। सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पति पत्नी का एक दूसरे के लिए मात्र प्रेम ही नहीं अपितु परस्पर सम्मान भी आवश्यक होता है। विवाह एक दूसरे के निस्तार और विस्तार में सहायक होने वाली दिव्य धटना है जो स्त्री और पुरुष को यह समझाने में सहायक होती है कि आधी दुनिया आपकी और आधी दुनिया आपकी। दांव लगाना सीख लो तो सारी दुनिया आपकी॥"

उन्होंने आगे लिखा, "जिस स्थान पर दो नदियां आपस में मिलती हैं, जहां उनका संगम होता है, वह स्थान पवित्र तीर्थ माना जाता है। वैसे ही वर्णाश्रम व्यवस्था में गृहस्थाश्रम भी तीर्थ की भांति होता है, क्योंकि विवाह के पश्चात दो भिन्न चेतनाएं अग्नि को साक्षी मानकर एक दूसरे से सदा के लिए अभिन्न हो जाती हैं, और उनका द्वैत भाव समाप्त होकर अद्वैत में रूपांतरित हो जाता है।"

अपनी बात को खत्म करते हुए उन्होंने लिखा, "परमपूज्य गुरुदेव भगवान दद्दाजी की कृपा, माता-पिता, परिजनों के आशीर्वाद एवं स्नेही मित्रों की शुभकामना-सद्भावना ही हमारे जीवन का आधेय है। मैं उस परमसत्ता के प्रति अनुग्रह के भाव से भरा हुआ हूं जिसने मुझे और परमप्रिय रेणुका जी को अपनी जीवन यात्रा में एक दूसरे का सहगामी, अनुगामी और अग्रगामी बनने का अवसर प्रदान किया।"

--आईएएनएस

एनएस/एएस

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