पटना/गया, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से निष्कासित किए जाने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने प्रतिक्रिया दी है।
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पटना/गया, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से निष्कासित किए जाने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने प्रतिक्रिया दी है।
जीतन राम मांझी ने इसे सामान्य अनुशासनात्मक प्रक्रिया बताया, जबकि गुरु प्रकाश ने कहा कि जेडीयू एक परिपक्व राजनीतिक संगठन है और निष्कासन का मामला पार्टी का आंतरिक विषय है। उन्होंने इस मामले में अधिक टिप्पणी करने से भी परहेज किया।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि अनंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने को बदलाव के तौर पर देखने की जरूरत नहीं है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति पार्टी के खिलाफ काम करता है और नेतृत्व को लगता है कि कुछ गलत हुआ है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।
मांझी ने कहा, "हम इसे कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं मानते। जहां तक इसके असर की बात है, तो वह समय के साथ स्पष्ट हो जाएगा। पार्टी नेतृत्व के पास उन लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है, जो पार्टी के खिलाफ काम करते हैं। इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कार्रवाई की गई है।"
विधायक अनंत सिंह को जेडीयू से निष्कासित किए जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि जेडीयू एक परिपक्व संगठन है और यह उसका आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव के समय से ही इस विषय पर चर्चा चल रही थी और निष्कासन को लेकर नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई थी।
गुरु प्रकाश ने कहा कि अब यह मामला उनके संज्ञान में आया है। जेडीयू अपने स्तर पर इस मामले का समाधान कर लेगी। इसलिए भाजपा की ओर से इस पर ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरु प्रकाश ने आंदोलन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की धार खत्म हो चुकी है। अब इसमें न तो कोई तर्क बचा है, न तथ्य, न औचित्य और न ही कोई आधार।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक, चुनावी या शैक्षिक सुधार नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन करना है। गुरु प्रकाश ने नेहा बोरा, प्रशांत भूषण और संजय राउत के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं की टिप्पणियों से आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के पीछे सत्ता परिवर्तन की मंशा दिखाई देती है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान पर गुरु प्रकाश ने कहा कि उनके बेटे ने चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की है। उन्होंने इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताते हुए जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों का उल्लेख किया।
गुरु प्रकाश ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास हुआ है। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े रेलवे पुल का भी जिक्र किया और दावा किया कि आतंकवाद की घटनाओं में लगातार कमी आ रही है।
--आईएएनएस
एसएके/एबीएम
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