Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

आंध्र प्रदेश सीआईडी ने 15 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाले का किया खुलासा, आठ आरोपी गिरफ्तार


अमरावती, 4 नवंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने करीब 15 करोड़ रुपये (1.5 मिलियन डॉलर) के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी निवेश धोखाधड़ी मामले का खुलासा किया है। जांच एजेंसी ने ठगी की रकम को अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रेस करने के बाद पीड़ित को रकम वापस दिलाने के लिए अदालत से आदेश भी हासिल किया है।

अमरावती, 4 नवंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने करीब 15 करोड़ रुपये (1.5 मिलियन डॉलर) के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी निवेश धोखाधड़ी मामले का खुलासा किया है। जांच एजेंसी ने ठगी की रकम को अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रेस करने के बाद पीड़ित को रकम वापस दिलाने के लिए अदालत से आदेश भी हासिल किया है।

सीआईडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तेलंगाना के तेनाली की रहने वाली एक महिला को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 15 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में मंगलगिरी स्थित सीआईडी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था। जांच में एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध सिंडिकेट का पता चला, जो ठगी की रकम के स्रोत और लेनदेन की गतिविधियों को छिपाने के लिए कई क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा था।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, पीड़िता ने शुरुआत में अपने बैंक खातों से 13 नॉन-कस्टोडियल क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में पैसे ट्रांसफर किए थे। इनमें रॉबिनहुड का एक वॉलेट और 12 ऑन-चेन वॉलेट शामिल थे। इसके बाद आरोपियों के कहने पर उसने फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर की। पीड़िता को विश्वास था कि वह वास्तविक निवेश कर रही है।

इन फर्जी प्लेटफॉर्म पर बिटकॉइन, सोलाना और डॉजकॉइन के जरिए कुल 27 क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन किए गए, जिनकी कीमत करीब 1.5 मिलियन डॉलर थी। सीआईडी ने बताया कि ठगी की रकम को कई स्तरों पर लेनदेन और म्यूल खातों के जरिए आगे बढ़ाया गया। इसके बाद यह रकम केमैन आइलैंड स्थित क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज गेट ग्लोबल कॉर्पोरेशन तक पहुंची।

ब्लॉकचेन लेनदेन के विस्तृत विश्लेषण, तकनीकी जांच और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए सीआईडी ने ठगी की क्रिप्टोकरेंसी की आवाजाही का पता लगाया। जांच में 15 बिटकॉइन लेनदेन को गेट आईओ एक्सचेंज के चार खातों से जोड़ा गया, जिनका संबंध संगठित अपराध सिंडिकेट से था। न्यायिक प्रक्रिया के जरिए इन खातों में मौजूद संपत्तियों को फ्रीज करा दिया गया।

इस जांच में केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) ने तकनीकी सहायता और समन्वय उपलब्ध कराया। सीआईडी ने इस संगठित साइबर अपराध सिंडिकेट से जुड़े आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो हैदराबाद, दो महाराष्ट्र, एक मलेशिया, दो चीन और एक पुर्तगाल के रहने वाले हैं। एजेंसी ने सक्षम अदालत में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।

सीआईडी के अनुसार, गुंटूर की एक अदालत ने गेट ग्लोबल कॉर्पोरेशन को निर्देश दिया है कि वह चारों चिह्नित खातों में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी संपत्तियों को मौजूदा बाजार मूल्य के आधार पर यूएसडीटी में परिवर्तित करे और पूरी रकम पीड़िता के निर्धारित क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में ट्रांसफर करे। सीआईडी ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले जटिल साइबर धोखाधड़ी मामलों की जांच, क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ठगी की रकम का पता लगाने और पीड़ित की संपत्ति वापस दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

--आईएएनएस

डीएससी

Date & Time : 2026-11-04 21:40:02

Share:

Leave A Reviews

Related News