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'अर्बन नक्सल' पर पीएम मोदी सही, अब दिमागी नक्सलियों पर नजर रखने की जरूरत: पूर्व डीजीपी बृजलाल


लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और भाजपा राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्सलवाद और 'अर्बन नक्सल' संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि देश में सशस्त्र नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में सक्रिय तथाकथित 'दिमागी नक्सलियों' पर नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी, पी. चिदंबरम और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल विकास और राष्ट्रहित के मुद्दों पर लगातार भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।

लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और भाजपा राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्सलवाद और 'अर्बन नक्सल' संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि देश में सशस्त्र नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में सक्रिय तथाकथित 'दिमागी नक्सलियों' पर नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी, पी. चिदंबरम और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल विकास और राष्ट्रहित के मुद्दों पर लगातार भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी द्वारा नक्सलवाद को लेकर दिए गए बयान पर बृजलाल ने कहा कि पीएम मोदी ने सही कहा। नक्सलवादियों का 20 प्रतिशत इलाके पर प्रभाव था। करीब 143 जिलों को रेड कॉरिडोर बनाने की कल्पना थी। आदिवासी इलाकों को बर्बाद कर दिया गया था। न वहां सड़कें बनने दी गईं, न सरकारी कार्यक्रम चल पाए और न ही स्कूल खुल सके। पीएम मोदी के नेतृत्व में इस चुनौती को खत्म करने का बीड़ा उठाया गया और गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 31 मार्च 2026 तक इसे खत्म कर देंगे, और उन्होंने इसे खत्म कर दिया।

उन्होंने कहा कि जंगल में हथियार उठाने वाले नक्सली खत्म हो गए, लेकिन दिमागी नक्सली आज भी मौजूद हैं। ये वही लोग हैं जो जंगल में हथियार लेकर नहीं चलते, बल्कि शहरों में रहते हैं। विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के रूप में, कवि, लेखक, समाजसेवी, एनजीओ संचालक समेत कई रूपों में रहते हैं। नक्सली तो मारे गए, लेकिन ये लोग दिमाग चलाते हैं। ये संवैधानिक संस्थाओं, न्यायालयों और सुरक्षा बलों के खिलाफ जहर उगलते हैं, जिससे इन संस्थाओं के प्रति लोगों में अविश्वास पैदा हो।

उन्होंने आगे कहा कि ये वही शहरी नक्सली हैं जो नक्सलियों की फंडिंग की व्यवस्था करते थे। ये वही लोग हैं, जो डीप स्टेट से मिले हुए थे। आज नक्सली खत्म हो गए हैं, रेड कॉरिडोर का सपना खत्म हो गया है। ऐसे में शहरी नक्सली यानी 'दिमागी नक्सली' बौखला गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमें इन पर नजर रखनी पड़ेगी।

भाजपा राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने कहा कि इन नक्सलियों का प्रयास होगा कि किसी भी आंदोलन में घुसकर उसे हिंसक रूप दिया जाए, जिससे देश की व्यवस्था चरमरा जाए और भारत आर्थिक प्रगति की राह से फिसल जाए। उन्होंने आगे कहा कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। नेवी मजबूत होगी और मलक्का स्ट्रेट इसके पास ही है। अगर कोई दुश्मन गलत करेगा तो उसे वहीं जवाब दिया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी वहां पहुंचे थे और उन्होंने इसका विरोध किया था। ये लोग चीन समर्थक हैं। वामपंथी हैं और कांग्रेस भी इनसे जुड़ी हुई है। जहां भी विकास होगा, वहां ये लोग विरोध करेंगे। इसलिए अर्बन नक्सली को लेकर पीएम मोदी ने जो कहा है, उसे लोगों तक पहुंचाना होगा।

पी. चिदंबरम के 'गर्व से अर्बन नक्सल हैं' वाले बयान पर पूर्व आईपीएस अधिकारी बृजलाल ने कहा कि वह गृह मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने नक्सलवाद और आतंकवाद को करीब से देखा है। अगर वह खुद को अर्बन नक्सली कहते हैं, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस भी वही कर रही है, जो अर्बन नक्सली करते हैं। प्रधानमंत्री ने कभी कहा था कि कांग्रेस मुक्त भारत, और पी. चिदंबरम का यह बयान उसमें बड़ा योगदान देने वाला है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए हैं। यह उनकी आस्था नहीं, बल्कि लोधी समाज को भ्रमित करने के लिए एक नैरेटिव सेट करने की कोशिश है। लोधी समाज के नेता कल्याण सिंह दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और बड़े नेता थे, लेकिन जब उनका निधन हुआ तो अखिलेश यादव उन्हें श्रद्धांजलि देने नहीं गए। उन्होंने लोधी समाज का अपमान किया था।

उन्होंने कहा कि आज जहां अखिलेश यादव गए थे, वहां से कुछ ही दूरी पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा भी थी, लेकिन वह वहां नहीं गए। उन्हें राष्ट्रवादियों से नफरत है। उनका पीडीए कुछ नहीं है, बल्कि लोगों को भ्रमित करने का एक प्रयास है। उनका पीडीए सिर्फ परिवार तक सीमित है। सत्ता में आने के लिए वे इस तरह के नाटक करते हैं। हालांकि, अब पूरा प्रदेश उन्हें समझ चुका है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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