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अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना भारत


नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और अर्जेंटीना के बीच व्यापारिक संबंध हाल के समय में मजबूत हुए हैं। भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, 2026 के सात महीनों के अंदर दोनों देशों के बीच व्यापार 41 करोड़ 27 लाख 87 हजार 370 रुपए तक पहुंच गया है।

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और अर्जेंटीना के बीच व्यापारिक संबंध हाल के समय में मजबूत हुए हैं। भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, 2026 के सात महीनों के अंदर दोनों देशों के बीच व्यापार 41 करोड़ 27 लाख 87 हजार 370 रुपए तक पहुंच गया है।

राजदूत मारियानो कॉसिनो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "अर्जेंटीना हाल के सालों के व्यापार को जारी रखते हुए भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंध को मजबूत कर रहा है। 2026 के पहले सात महीनों के दौरान भारत हमारे देश का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया, जो जनवरी-जुलाई 2026 के बीच 4.335 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।"

इससे पहले उन्होंने समाचार एजेंसी एजेंसी आईएएनएस के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान कहा था कि भारत-अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने के बाद दोनों देश अलग-अलग लक्ष्यों को हासिल करने के लिए काम जारी रखे हुए हैं।

दरअसल, सोमवार को नई दिल्ली में जनरल जोस डी सैन मार्टिन को श्रद्धांजलि देने और उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के मौके पर उन्होंने कहा था, "दोनों देशों के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं। अर्जेंटीना और भारत छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के व्यापारिक संबंध का आनंद ले रहे हैं। हम (भारत-अर्जेंटीना) बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं।"

उन्होंने बताया कि अर्जेंटीना मर्कोसुर का संस्थापक सदस्य है और अधिमान्य व्यापार समझौते (पीटीए) के विस्तार के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने पर सदस्यों के बीच आम सहमति है।

राजदूत कॉसिनो ने कहा था, "अर्जेंटीना मर्कोसुर का संस्थापक सदस्य है, जो अर्जेंटीना, ब्राजील, पराग्वे और उरुग्वे के बीच एक आर्थिक व्यापार ब्लॉक है। इसलिए, उस प्रकार का समझौता करने के लिए, हमें मर्कोसुर के अन्य देशों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है। भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए सदस्यों के बीच आमतौर पर अच्छी सहमति है, ताकि वर्तमान समझौते का विस्तार किया जा सके, एक अधिमान्य व्यापार समझौता, जिसे विस्तारित किया जाना है, क्योंकि यह कुछ उत्पादों तक ही सीमित है, लेकिन मैं इस लिहाज से आशावादी हूं।"

--आईएएनएस

केके/डीकेपी

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