गुवाहाटी, 17 मार्च (आईएएनएस)। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि हाल ही में शुरू की गई फुरकटिंग-न्यू तिनसुकिया रेलवे दोहरीकरण परियोजना से रेल क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
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गुवाहाटी, 17 मार्च (आईएएनएस)। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि हाल ही में शुरू की गई फुरकटिंग-न्यू तिनसुकिया रेलवे दोहरीकरण परियोजना से रेल क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी, परिचालन दक्षता में सुधार होगा और पूर्वी असम और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ), कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 194 किमी लंबा है और इसकी अनुमानित लागत लगभग 3,634 करोड़ रुपए है।
उन्होंने आगे कहा कि ऊपरी असम और आस-पास के इलाकों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए इस काम को एक योजनाबद्ध और चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मार्च को इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। फरकाटिंग-न्यू तिनसुकिया सेक्शन एनएफआर के तहत एक बहुत जरूरी रेल लिंक है, जो यात्री और मालगाड़ी, दोनों तरह के ट्रैफिक को संभालता है।
शर्मा ने कहा कि इस रूट को डबल लाइन बनाने से मौजूदा सिंगल लाइन पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिससे ट्रेनों का संचालन ज़्यादा तेज, आसान और भरोसेमंद हो सकेगा। उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से लंबी दूरी और इंटरसिटी सेवाओं को फायदा होगा, साथ ही इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इस सेक्शन पर अभी काम चल रहा है।
इस बीच, लुमडिंग-फरकाटिंग डबल लाइन प्रोजेक्ट पर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 140 किमी. लंबा यह सेक्शन एनएफआर के तहत एक और अहम रेल कॉरिडोर है।
साल 2024-25 में 2,123.70 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से मंजूर किए गए इस प्रोजेक्ट का मकसद, इस क्षेत्र के सबसे व्यस्त सिंगल-लाइन रूटों में से एक पर ट्रैफिक की भीड़ को कम करना है।
सीपीआरओ ने बताया कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद, इससे ट्रेनों के संचालन में काफी सुधार होगा, देरी कम होगी और यात्री व मालगाड़ी, दोनों तरह के ट्रैफिक की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सकेगी।
इन प्रोजेक्ट्स को कई चरणों में पूरा किया जा रहा है, और इन्हें जनवरी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके मुख्य पड़ावों में मई 2026 से शुरू होने वाला चरणबद्ध संचालन शामिल है, जिसमें नाओजान-सरुपथार, धनसिरी-रंगापहाड़ और दीमापुर कनेक्टिविटी सेक्शन जैसे अहम हिस्सों को शामिल किया गया है।
इस पहल के तहत 19 बड़े पुलों और 161 छोटे पुलों का निर्माण किया जाएगा और 20 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा; ये सभी काम इस प्रोजेक्ट के बड़े पैमाने और इसकी जटिलता को दिखाते हैं।
शर्मा ने बताया कि नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने इन रणनीतिक प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है; ये प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के विजन के अनुरूप हैं।
--आईएएनएस
एससीएच
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