
जेवर. उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 28 मार्च 2026 को जेवर में एशिया के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया. इस दौरान उनके साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भाजपा सरकार जिस परियोजना का शिलान्यास करती है, उसका उद्घाटन भी करती है. उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के "डबल इंजन सरकार" के विजन की जीत बताया.
11,200 करोड़ का निवेश और 24 साल का इंतजार
जेवर एयरपोर्ट का सपना साल 2001 में तत्कालीन सीएम राजनाथ सिंह ने देखा था. 24 साल बाद आज यह हकीकत बन गया है.
लागत: पहले चरण का निर्माण 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से हुआ है.
क्षमता: शुरुआत में यह सालाना 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा, जिसे भविष्य में 7 करोड़ तक बढ़ाया जाएगा.
विशेषता: 3,900 मीटर का रनवे और भविष्य के लिए 'नेट-जीरो एमिशन' (Net-Zero Emission) डिजाइन इसे खास बनाता है.
NCR में ट्रांसपोर्ट क्रांति और भव्य जनसभा
जेवर एयरपोर्ट दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट के भार को कम करेगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देगा. उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जिसमें करीब 2 लाख लोग शामिल हुए. सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को SPG ने अपनी कमान में ले रखा था और ड्रोन से निगरानी की जा रही थी.
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