अहमदाबाद, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिमी रेलवे के एक कर्मचारी के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की है। आरोप है कि उसने जनवरी 2017 से फरवरी 2021 के बीच भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के जरिए अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक लगभग 2.58 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की है।
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अहमदाबाद, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिमी रेलवे के एक कर्मचारी के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की है। आरोप है कि उसने जनवरी 2017 से फरवरी 2021 के बीच भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के जरिए अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक लगभग 2.58 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की है।
ईडी के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए), 2002 के तहत प्रशांत रबारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिकायत दर्ज की है।
एजेंसी का आरोप है कि ये संपत्तियां भ्रष्टाचार के जरिए बनाई गई थीं और रबारी तथा उनकी पत्नी के नाम पर रखी गई थीं।
मंगलवार को ईडी की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), गांधीनगर द्वारा 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट', 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
एफआईआर में बताए गए अपराध, पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आते हैं, जो ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बनते हैं।
ईडी ने बताया कि जांच से पता चला है कि वेस्टर्न रेलवे में नौकरी के दौरान, 1 जनवरी 2017 से 2 फरवरी 2021 की अवधि में रबारी ने कथित तौर पर लगभग 2.58 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियां जुटाईं।
एजेंसी का आरोप है कि ये संपत्तियां भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के जरिए हासिल की गई थीं और ये उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक थीं।
जांच के बाद, ईडी ने 2,00,44,981 रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश जारी किया। एजेंसी के अनुसार, ये संपत्तियां कथित अवैध गतिविधियों से प्राप्त धन का सीधे इस्तेमाल करके खरीदी गई थीं।
इसके बाद, ईडी ने अहमदाबाद के भद्रा स्थित पीएमएलए विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दायर की है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत रबारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है।
यह मामला मुख्य रूप से तय अवधि के दौरान कथित तौर पर जुटाई गई संपत्तियों और अवैध रूप से कमाए गए धन का इस्तेमाल करके संपत्तियां खरीदने के संदेह पर केंद्रित है। आरोप उस जांच का हिस्सा हैं, जिसे सीबीआई की एफआईआर के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में शुरू किया गया था।
--आईएएनएस
डीके/एबीएम
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