Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई कोर्ट ने आठ आरोपियों को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई


चेन्नई, 1 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु की चेन्नई सीबीआई अदालत 31 जुलाई 2026 को बैंक धोखाधड़ी मामले में आठ आरोपियों को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। जिन लोगों को सजा सुनाई गई उनमें दो सरकारी कर्मचारी एन. गोपालकृष्णन (तत्कालीन शाखा प्रबंधक, एसबीआई, चेंगम शाखा) और पी. बालमुरली (तत्कालीन ग्रामीण विपणन एवं वसूली अधिकारी) तथा छह निजी व्यक्ति आर. वेंकटरामन, एस. रवि, डी. शंकर, आर. राजन, पी. पन्नीरसेल्वम और टी. मुरुगन शामिल हैं।

चेन्नई, 1 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु की चेन्नई सीबीआई अदालत 31 जुलाई 2026 को बैंक धोखाधड़ी मामले में आठ आरोपियों को दोषी ठहराया और सजा सुनाई। जिन लोगों को सजा सुनाई गई उनमें दो सरकारी कर्मचारी एन. गोपालकृष्णन (तत्कालीन शाखा प्रबंधक, एसबीआई, चेंगम शाखा) और पी. बालमुरली (तत्कालीन ग्रामीण विपणन एवं वसूली अधिकारी) तथा छह निजी व्यक्ति आर. वेंकटरामन, एस. रवि, डी. शंकर, आर. राजन, पी. पन्नीरसेल्वम और टी. मुरुगन शामिल हैं।

सभी आरोपियों को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने एन. गोपालकृष्णन, पी. बालमुरली, आर. वेंकटरामन, एस. रवि और डी. शंकर पर 50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अभियुक्त आर. राजन, पी. पन्नीरसेल्वम और टी. मुरुगन पर 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एसबीआई, चेंगलपेट के क्षेत्र-पांच के क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत के आधार पर 23 सितंबर 2011 को यह मामला दर्ज किया। तत्कालीन अधिकारी (विपणन एवं वसूली) पी. बालमुरली ने के. पुरुषोत्तमन (चेंगम तालुक स्थित मेसर्स कंथम्मा मिल्क चिलिंग प्लांट के मालिक) और अन्य लोगों के साथ मिलकर मेसर्स कंथम्मा मिल्क चिलिंग प्लांट के साथ त्रिपक्षीय समझौते के तहत कुल 2,32,96,000 रुपए के 728 डेयरी ऋणों को स्वीकृत करने के मामले में मिलीभगत की। यह समझौता कथित उधारकर्ताओं के नाम पर प्रस्तुत किए गए धोखाधड़ीपूर्ण और जाली आवेदनों और ऋण दस्तावेजों के आधार पर किया गया था, जिसमें डेयरी ऋणों के लिए निर्धारित पूर्व और पश्चात स्वीकृति औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया था। इसके परिणामस्वरूप बैंक को कुल 1,97,27,692 रुपये का गलत नुकसान हुआ।

जांच पूरी होने पर सीबीआई ने 25 जून 2013 को के. पुरुषोत्तमन, आर. राजन, पी. पन्नीरसेल्वम, टी. मुरुगन, आर. वेंकटरामन, एस. रवि, एन. गोपालकृष्णन, के. रविचंद्रन, पी. बालमुरली और डी. शंकर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। निचली अदालत ने 1 मई 2016 को आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। मुकदमे की सुनवाई के दौरान के. पुरुषोत्तमन और के. रविचंद्रन का निधन हो गया और उनके खिलाफ आरोप समाप्त कर दिए गए। न्यायालय ने मुकदमे की सुनवाई के बाद उपरोक्त आरोपियों को दोषी पाया और तदनुसार सजा सुनाई।

--आईएएनएस

एमएस/

Share:

Leave A Reviews

Related News