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बजट से 'विकसित बिहार' का सपना होगा साकार: राजीव रंजन

पटना, 4 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के बजट सत्र को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने राज्य सरकार के बजट को 'विकसित बिहार' की परिकल्पना की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस वादे की ओर बढ़ता हुआ प्रयास है, जिसमें उन्होंने चुनाव से पहले बिहार को देश के पांच सबसे समृद्ध राज्यों की कतार में खड़ा करने की बात कही थी।

पटना, 4 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के बजट सत्र को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने राज्य सरकार के बजट को 'विकसित बिहार' की परिकल्पना की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस वादे की ओर बढ़ता हुआ प्रयास है, जिसमें उन्होंने चुनाव से पहले बिहार को देश के पांच सबसे समृद्ध राज्यों की कतार में खड़ा करने की बात कही थी।

राजीव रंजन ने बजट के आकार का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले बजट और मौजूदा बजट के बीच लगभग 30 हजार करोड़ रुपए का अंतर है। नीतीश कुमार ने पहली बार बिहार की बागडोर संभाली थी, तब राज्य का कुल बजट 25 हजार करोड़ रुपए से भी कम था। आज अकेले एक साल में ही 30 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी यह दिखाती है कि सरकार राज्य की जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को गंभीरता से ले रही है।

उन्होंने कहा कि यह बजट रोजगार, नौकरियों, औद्योगीकरण, निवेश, महिला सशक्तिकरण और कमजोर वर्गों को मजबूत करने की दिशा में ईमानदार कोशिश है। साथ ही, बुनियादी ढांचे के अभूतपूर्व विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है ताकि बिहार के हर जिले तक विकास की रोशनी पहुंचे।

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर उन्होंने कहा कि बिहार को वाटरवेज हब और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसी योजनाओं से बड़ा लाभ मिलेगा। सिलिगुड़ी से वाराणसी तक प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में बिहार का बड़ा हिस्सा शामिल है, जिससे राज्य की रेल आधारित बुनियादी संरचना को नई गति मिलेगी। इसके अलावा, हर जिले में महिला छात्रावास और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं को भी पूर्वी भारत, खासकर बिहार के लिए “क्रांतिकारी कदम” बताया गया।

डेयरी और कृषि उत्पादों को लेकर उठ रही चिंताओं पर उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। उनका दावा है कि अमेरिका के साथ व्यापारिक साझेदारी में भारत के पास निर्यात की बेहतर संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें इस साल 100 अरब डॉलर का लक्ष्य है।

एसआईआर प्रक्रिया पर बोलते हुए राजीव रंजन ने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग द्वारा कई बार अपनाई गई एक नियमित व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची में बची हुई अनियमितताओं को दूर करना है। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी स्वायत्तता का सम्मान सभी राजनीतिक दलों को करना चाहिए।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की वापसी नहीं होने जा रही है और यही डर वहां की टीएमसी में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि जिस आधार पर बिहार में चुनाव हुए और जनता ने लोकप्रिय सरकार चुनी, उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी बदलाव की लहर है और वहां भाजपा तथा उसके सहयोगियों की सरकार बनने की संभावना है।

--आईएएनएस

वीकेयू/डीएससी

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