Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

बलूचिस्तान में बढ़ते अत्याचारों के बीच पाकिस्तानी फोर्सेस ने चार नागरिकों की हत्या की


क्वेटा, 5 नवंबर (आईएएनएस)। मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले एक प्रमुख संगठन ने गुरुवार को आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी फोर्स ने कम से कम चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या कर दी।

क्वेटा, 5 नवंबर (आईएएनएस)। मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले एक प्रमुख संगठन ने गुरुवार को आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी फोर्स ने कम से कम चार नागरिकों की गैर-न्यायिक हत्या कर दी।

मानवाधिकार संगठन 'बलूच यकजेहती कमेटी' (बीवाईसी) ने खुलासा किया है कि 60 वर्षीय दुकानदार इलाही बख्श और 32 वर्षीय ड्राइवर मुनीर अहमद को जबरन गायब कर दिया गया था। बाद में 2 नवंबर को उनके शव 'नाल' क्षेत्र के 'लाघोरजार्ड' इलाके में फेंक दिए गए।

बीवाईसी के अनुसार, 30 अक्टूबर को पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के जवानों ने इलाही बख्श को उनके घर से जबरन उठा लिया था, जिसके बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

मानवाधिकार संगठन ने कहा, "लोगों को जबरन गायब करना और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के मार डालना, जीवन, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। किसी को भी उसके घर से उठाकर गुप्त रूप से हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए और न ही उसे कानून के संरक्षण से बाहर रखकर उसकी जान ली जानी चाहिए। इलाही बख्श की हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उनके परिवार को न्याय मिलना चाहिए।"

बीवाईसी ने बताया कि 2 अक्टूबर को पाकिस्तान समर्थित एक 'डेथ स्क्वॉड' मुनीर को उनके घर से उठा ले गया था, और उनके परिवार को उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

संगठन ने आगे कहा, "किसी भी व्यक्ति को उसके घर से जबरन नहीं उठाया जाना चाहिए, बिना कानूनी सुरक्षा के हिरासत में नहीं रखा जाना चाहिए, और न ही उसके जीने के अधिकार से वंचित किया जाना चाहिए। हर व्यक्ति को उचित कानूनी प्रक्रिया, कानून के तहत सुरक्षा, और मानवीय गरिमा व सुरक्षा की मौलिक गारंटी पाने का अधिकार है।"

आम नागरिकों पर हो रहे लगातार अत्याचारों का जिक्र करते हुए बीवाईसी ने बताया कि एक अन्य घटना में 31 अक्टूबर को सलाहुद्दीन की एक 'फर्जी मुठभेड़' (फेक एकाउंटर) में हत्या कर दी गई। उनका शव खरान जिले के 'जरदैन कोटी' इलाके के पास फेंक दिया गया था।

7 अगस्त को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सलाहुद्दीन और उनके भाई अजार को उनके घर से जबरन उठा लिया था।

इस क्रूर हत्या की निंदा करते हुए बीवाईसी ने कहा, "ऐसी घटनाएं बलूचिस्तान में एक चिंताजनक पैटर्न को दर्शाती हैं, जहां जिन लोगों को जबरन गायब किया जाता है, बाद में उनके शव मिलते हैं और उनकी हत्याओं को 'फर्जी मुठभेड़' के रूप में पेश किया जाता है। इस तरह की हरकतें पीड़ितों को उचित कानूनी प्रक्रिया के अधिकार से वंचित करती हैं और उनके परिवारों को सच जानने और न्याय पाने से रोकती हैं।" एक अलग घटना में 17 वर्षीय छात्र रेयान उलफत का क्षत-विक्षत शव 22 अक्टूबर को पासनी क्षेत्र के कुलांच इलाके में पड़ा मिला। वह आठ दिनों से लापता था।

बीवाईसी ने आरोप लगाया है कि 16 अक्टूबर को 'डेथ स्क्वॉड' (हत्या करने वाले गिरोहों) ने रेयान को उसके घर से जबरन अगवा कर लिया था।

मानवाधिकार संगठन ने कहा, "17 वर्षीय छात्र की हत्या बलूचिस्तान में बुनियादी मानवाधिकारों के व्यवस्थित उल्लंघन को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। लोगों को जबरन गायब करना, बिना कानूनी प्रक्रिया के हत्या करना (एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग) और जीने के अधिकार से वंचित करना मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। युवा छात्रों की सुरक्षा होनी चाहिए, न कि उन्हें गायब किया जाना चाहिए या उन पर हिंसा की जानी चाहिए। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के तहत, उनके जीवन, सम्मान और बुनियादी स्वतंत्रता का सम्मान और बचाव किया जाना चाहिए।"

बीवाईसी ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वे बलूचिस्तान में हो रही गैर-कानूनी हत्याओं और बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति पर तुरंत ध्यान दें।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

Date & Time : 2026-11-05 22:15:04

Share:

Leave A Reviews

Related News