Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

बांग्लादेश: पुलिस हिरासत में अवामी लीग कार्यकर्ता की मौत पर हंगामा


ढाका, 22 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश में अवामी लीग के सदस्यों की हिरासत में मौत के बढ़ते मामलों के बीच, फरीदपुर जिले में पुलिस हिरासत में एक स्थानीय कार्यकर्ता की मौत हो गई है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई है।

ढाका, 22 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश में अवामी लीग के सदस्यों की हिरासत में मौत के बढ़ते मामलों के बीच, फरीदपुर जिले में पुलिस हिरासत में एक स्थानीय कार्यकर्ता की मौत हो गई है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दी गई है।

मृतक की पहचान 28 वर्षीय मिर्जा इश्तियाक अहमद प्रांतो के रूप में हुई है, जो अवामी लीग की छात्र शाखा छात्र लीग से जुड़े कार्यकर्ता थे। पुलिस के डिटेक्टिव ब्रांच (डीबी) ने उन्हें 20 जून को मधुखाली उपजिला से हिरासत में लिया था। बाद में रविवार को फरीदपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने हिरासत के दौरान उनकी पिटाई की, जिसके कारण उनकी मौत हुई। प्रोथोम आलो की एक रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की मां खादिजा अख्तर ने रोते हुए कहा, “मेरे स्वस्थ और निर्दोष बेटे को किस अपराध में पकड़ा गया, उसे प्रताड़ित किया गया और हिरासत में मार दिया गया? मैं न्याय चाहती हूं।”

इस घटना पर ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन “ऐन ओ सालिश केंद्र (एएसके)” ने गंभीर चिंता जताई है और न्यायिक जांच की मांग की है। संगठन ने कहा कि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

एएसके ने यह भी मांग की है कि मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किया जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और कानूनी सहायता पहुंचाई जाए और गुनहगारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

वहीं, अवामी लीग ने इस घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सरकार राज्य तंत्र का इस्तेमाल करके उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को “निशाना बना खत्म कर रही है।"

पार्टी ने कहा, " कानून-व्यवस्था एजेंसियों का काम कानून लागू करना है, डर पैदा करना नहीं। हिरासत में किसी नागरिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत गंभीर सवाल उठाती है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"

अवामी लीग ने आगे कहा, "राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी सरकार को नागरिकों का जीवन छीनने का अधिकार नहीं है। पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी कानून के शासन को बनाए रखना है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को लागू करना।

--आईएएनएस

केआर/

Share:

Leave A Reviews

Related News