बारामूला, 20 मई (आईएएनएस)। बारामूला जिले की पुलिस ने ‘नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस को पेरिसवानी, कुंजर गांव में अफीम के अवैध पौधों की खेती की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में अफीम के पौधों को नष्ट कर दिया।
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बारामूला, 20 मई (आईएएनएस)। बारामूला जिले की पुलिस ने ‘नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस को पेरिसवानी, कुंजर गांव में अफीम के अवैध पौधों की खेती की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में अफीम के पौधों को नष्ट कर दिया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह अवैध खेती अब्दुल रहीम रेशी के बेटे अब अहद रेशी की जमीन पर की जा रही थी, जो पेरिसवानी कुंजर का निवासी है। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/18 के तहत एफआईआर संख्या 62/2026 दर्ज कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आबकारी, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ अवैध अफीम के पौधों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। मौके से लिए गए नमूनों को सील कर कानूनी कार्यवाही के लिए कब्जे में ले लिया गया।
बारामूला पुलिस ने इस अभियान को और तेज करने का फैसला किया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में नशीली दवाओं की खेती, तस्करी और नशे के कारोबार पर सख्ती से नकेल कसी जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे नशीली दवाओं की अवैध खेती या तस्करी की कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
जम्मू-कश्मीर में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अफीम जैसी खतरनाक फसलों की खेती युवाओं को नशे की लत लगाने और पूरे समाज को नुकसान पहुंचाने का प्रमुख कारण बन रही थी। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर राहत की खबर मानी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, इस तरह की अवैध खेती न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य को भी बर्बाद करने का साधन है। बारामूला जिले में पिछले कुछ महीनों में कई जगहों पर ऐसी अवैध खेती को नष्ट किया जा चुका है।
प्रशासन का मानना है कि जनता का सहयोग मिलने पर जल्द ही पूरे जिले को नशा मुक्त बनाया जा सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति नशीली खेती में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और एनडीपीएस कानून के तहत उसे भारी सजा हो सकती है।
--आईएएनएस
एससीएच
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