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बाढ़ में बहा अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज गांव का पुल, बीआरओ ने 200 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाकर जोड़ा संपर्क


ईटानगर, 2 अगस्त (आईएएनएस): सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे जिले के हुरी गांव का संपर्क मार्ग फिर से बहाल कर दिया है। इसके लिए बीआरओ ने 200 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाया। यह पुल उस पुराने पुल की जगह बनाया गया है, जो 11 जुलाई की रात आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में बह गया था।

ईटानगर, 2 अगस्त (आईएएनएस): सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे जिले के हुरी गांव का संपर्क मार्ग फिर से बहाल कर दिया है। इसके लिए बीआरओ ने 200 फीट लंबा बेली ब्रिज बनाया। यह पुल उस पुराने पुल की जगह बनाया गया है, जो 11 जुलाई की रात आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) में बह गया था।

एक बयान में कहा गया कि बीआरओ ने 200 फीट लंबे बेली ब्रिज का निर्माण कर हुरी गांव का अहम सड़क संपर्क दोबारा शुरू कर दिया। पुराना पुल 11 जुलाई की रात फ्लैश फ्लड में बह गया था।

पुल के बह जाने से पूरे इलाके का संपर्क कट गया था। इससे लोगों की आवाजाही, जरूरी सामान की ढुलाई और आपातकालीन व स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं।

हुरी गांव, कुरुंग कुमे जिले के दामिन सर्किल में स्थित एक दूरदराज का सीमावर्ती गांव है। यह भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास स्थित है, इसलिए यहां सड़क संपर्क बहाल करना आम लोगों के साथ-साथ रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण था।

प्रवक्ता ने बताया कि बीआरओ के प्रोजेक्ट अरुणांक ने इस काम को मिशन मोड में पूरा किया। 756 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स के तहत 85 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी की टीमों ने लगातार भारी बारिश, तेज बहती नदी, कमजोर जमीन और कठिन पहाड़ी इलाकों जैसी मुश्किल परिस्थितियों में लगातार काम किया। इन कारणों से पुल की नींव तैयार करने और संपर्क मार्ग बनाने में काफी दिक्कतें आईं।

उन्होंने बताया कि दूरदराज इलाका होने, निर्माण सामग्री और संसाधनों की सीमित उपलब्धता तथा बार-बार होने वाले भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने इस काम को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया।

इन सभी कठिनाइयों के बावजूद बीआरओ के जवानों ने दिन-रात काम जारी रखा। खराब मौसम और खतरनाक हालात में भी उन्होंने कम से कम समय में पुल का निर्माण पूरा किया।

इस काम में केवल 200 फीट लंबे बेली ब्रिज का निर्माण और उसे स्थापित करना ही शामिल नहीं था, बल्कि भूस्खलन से आई मिट्टी हटाना, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करना और संपर्क मार्गों को मजबूत बनाना भी शामिल था, ताकि लोगों, मशीनों और जरूरी सामान की आवाजाही आसान हो सके।

बेहतर योजना, तकनीकी दक्षता और टीम के समन्वित प्रयासों से बीआरओ ने कम समय में इस महत्वपूर्ण 'जीवनरेखा' को फिर से बहाल कर दिया। इससे इस दूरदराज सीमावर्ती क्षेत्र की कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ।

प्रवक्ता ने कहा कि पुल के तैयार होने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। हुरी गांव के लोगों ने बीआरओ का धन्यवाद करते हुए कहा कि सड़क संपर्क बहाल होने से उनके दैनिक जीवन, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और जरूरी सामान की नियमित आपूर्ति फिर से सुचारु हो सकेगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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