क्राइस्टचर्च, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय टीम के बल्लेबाज तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने क्राइस्टचर्च के हेगली ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली शानदार जीत पर चर्चा की। दोनों ने एक-दूसरे के प्रदर्शन की तारीफ की और इस जीत के महत्व को रेखांकित किया।
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क्राइस्टचर्च, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय टीम के बल्लेबाज तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने क्राइस्टचर्च के हेगली ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली शानदार जीत पर चर्चा की। दोनों ने एक-दूसरे के प्रदर्शन की तारीफ की और इस जीत के महत्व को रेखांकित किया।
हैदराबाद के ये दोनों खिलाड़ी हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए उस टी20 इंटरनेशनल मैच का हिस्सा थे, जिसमें टीम को हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में 248 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वे चमत्कारिक जीत नहीं दिला सके थे, लेकिन शनिवार को कीवी टीम के खिलाफ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की।
तिलक ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए, जबकि नीतीश ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रनों का योगदान दिया। इससे पहले, लक्ष्य का पीछा करते हुए नमन धीर ने 17 गेंदों पर 31 रन बनाकर टीम के लिए उम्मीद जगाई। तिलक और नीतीश ने हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली हार का जिक्र किया, लेकिन साथ ही कहा कि "भगवान के पास हर चीज के लिए हमेशा एक सही समय होता है।" क्राइस्टचर्च में उनकी 69 रनों की नाबाद साझेदारी ने भारतीय टीम को 181 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक यादगार जीत दिलाने में मदद की।
बीसीसीआई द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में जीत के बाद नीतीश ने बातचीत की शुरुआत करते हुए कहा, "दोस्तों, आज मेरे साथ 'प्लेयर ऑफ द मैच' हैं।" इस पर तिलक ने तुरंत जवाब दिया, "और आज मेरे पास 'गेम चेंजर ऑफ द मैच' है।" दोनों ने अपनी उस साझेदारी के बारे में बात की, जो मैच जिताने वाली साबित हुई। नीतीश ने पूछा, "तिलक, बताओ, मैदान पर हमारी साझेदारी के दौरान तुम्हें कैसा लगा? मुझे तो यह बहुत ही शानदार लगा।"
तिलक ने कहा, "मुझे भी बहुत अच्छा लगा। हैदराबाद में भी हम दोनों यही सोच रहे थे कि अगर हम दोनों तेलुगु खिलाड़ी मैदान पर टिके रहें, तो शायद मैच जीत सकते हैं। हालांकि, जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं, ईश्वर के पास हमारे लिए हमेशा सही समय होता है। हमें बस अपनी प्रक्रिया का पालन करते रहना है और कड़ी मेहनत करनी है। सही चीजें सही समय पर अपने आप हो जाएंगी।"
दूसरा टी20 मैच उसी पिच पर खेला गया जिस पर पहला मुकाबला हुआ था। पिच काफी टूटी दिख रही थी, जिससे गेंद ग्रिप हो रही थी और बल्लेबाजों के लिए अपने शॉट्स खेलना मुश्किल हो रहा था। इसके अलावा, मैदान की बाउंड्री भी काफी बड़ी थीं, जिससे छक्के लगाना मुश्किल हो गया था।
तिलक ने कहा, "मुश्किल हालात और बड़े मैदान की वजह से, मुझे लगता है कि आज विकेट काफी चुनौतीपूर्ण था। मैदान बड़ा था और पिच थोड़ी धीमी थी। साथ ही, जब वे बाउंसर डाल रहे थे, तो गेंद काफी तेजी से आ रही थी, इसलिए जब भी आप छक्का मारना चाहें, तो ऐसा करना आसान नहीं था। सच कहूं तो, पहले मैच में छक्के लगाना आसान था। हालांकि, इस मैच में जैसा कि सभी जानते हैं, यह काफी चुनौतीपूर्ण था। जब कोई चुनौती सामने आती है, तो आप जानते हैं कि हमें समझदारी से कैसे खेलना है। इस मुकाबले में हमने बिल्कुल वैसा ही किया। हम अपनी फिटनेस और अपनी मेहनत दिखाना चाहते थे - जैसे कि एक-एक या दो-दो रन तेजी से दौड़कर लेना। इसके साथ ही जब भी हमें मौका मिला, हमने छक्के भी लगाए।"
इन दोनों खिलाड़ियों ने तेजी से रन बनाकर स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया और अहम मौकों पर बाउंड्री लगाई। अंत में, उन्होंने भारतीय टीम को दूसरे टी20 में 19.5 ओवर में लक्ष्य तक पहुंचाया। तिलक और नीतीश ने भारत को जीत दिलाने में मदद की, लेकिन ऑलराउंडर नमन ने भी 31 रनों की शानदार पारी खेलकर भारतीय टीम में फिर से उम्मीद जगाने में अहम भूमिका निभाई। 10.5 ओवर के बाद भारत का स्कोर 70/5 था, लेकिन नमन ने टीम को जरूरी रनगति प्रदान की, जिसके बाद तिलक और नीतीश ने मैच को फिनिश किया।
नीतीश ने कहा, "मुझे उनके साथ खेलने में बहुत मजा आया। वह बहुत तेज दौड़ते हैं और मैं भी काफी तेज दौड़ता हूं। हालांकि, तिलक के बारे में एक बात जो मैं खास तौर पर कहना चाहूंगा, वह यह है कि जब नमन धीर बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और शानदार शॉट्स लगा रहे थे, तब तिलक क्रीज पर आए। वह बिल्कुल भी जोखिम नहीं ले रहे थे, बस नमन को सिंगल दे रहे थे और नमन अपना काम कर रहे थे।"
तिलक ने कहा, "एक बात और, जब नमन बल्लेबाजी कर रहे थे, तो मेरा भी मन बड़े शॉट खेलने का था, लेकिन मैंने गौतम (गंभीर) सर और सितांशु कोटक सर से वादा किया है कि अगली बार से मैं खेल को गहराई तक ले जाऊंगा। पिछले मैच में मेरी सोच थोड़ी रक्षात्मक थी, मैं शुरुआत में सिंगल लेना चाहता था और खेल को आगे तक ले जाना चाहता था। हालांकि, इस मुकाबले में जब मैं क्रीज पर था, तो मैं स्पिनरों के खिलाफ बाउंड्री लगाना चाहता था। हालांकि, जब नमन बड़े शॉट खेल रहे थे, तब मैंने समझदारी से बल्लेबाजी की। मैंने सोचा कि मैं खुद को शांत रखूंगा और खेल को गहराई तक ले जाऊंगा। उसके बाद, जो हुआ वह भगवान की योजना थी।"
--आईएएनएस
एसएम/पीएम
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