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भगवंत मान वीडियो मामला: गुरुग्राम पुलिस ने 'मनमुताबिक' फोरेंसिक रिपोर्ट बनवाने के लिए दो लोगों को गिरफ्तार किया


नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के वीडियो के मामले पर भाजपा ने बुधवार को आरोप लगाया कि फोरेंसिक सबूतों से छेड़छाड़ की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। गुरुग्राम पुलिस की ओर से दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद इसका खुलाया हुआ है।

नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के वीडियो के मामले पर भाजपा ने बुधवार को आरोप लगाया कि फोरेंसिक सबूतों से छेड़छाड़ की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। गुरुग्राम पुलिस की ओर से दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद इसका खुलाया हुआ है।

एक फोरेंसिक एक्सपर्ट की शिकायत के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फोरेंसिक एक्सपर्ट की ओर से दावा किया गया कि पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक 'आपत्तिजनक' वीडियो क्लिप से जुड़ी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की थी। इस वीडियो क्लिप में कथित तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिखाई दे रहे थे।

यह विवाद पंजाब में उस वीडियो क्लिप की सच्चाई को लेकर चल रही राजनीतिक और धार्मिक बहस के बीच सामने आया है, जिसको मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से लगातार नकली, छेड़छाड़ किया हुआ और अपनी छवि खराब करने की कोशिश का हिस्सा बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से अकाल तख्त को यह भी बताया गया कि फुटेज बनावटी थी और वीडियो में दिखने वाले व्यक्ति वह नहीं, बल्कि एक अभिनेता था।

इस मामले में उस वक्त अहम मोड़ आया, जब हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत सिंह की शिकायत पर दो लोगों को गिरफ्तार किया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पंजाब पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें वीडियो से जुड़े एक खास नतीजे के पक्ष में फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए 10 लाख रुपये की पेशकश की थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अंकित और अरुण के तौर पर हुई है, जिनके नाम केस में दर्ज हैं और उन्हें अदालत में पेश किया जाना है। एफआईआर में पंजाब सरकार के दो अधिकारियों की कथित संलिप्तता का भी जिक्र किया गया है।

भाजपा नेता आर.पी. सिंह ने आरोप लगाया कि इन गिरफ्तारियों से सबूत गढ़ने और एक संवेदनशील मामले के निष्कर्ष को प्रभावित करने के लिए की गई कथित राज्य-समर्थित कोशिश उजागर हुई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में आर.पी. सिंह ने लिखा, "भगवंत मान वीडियो मामले में पर्दा डालने की कोशिश नाकाम हो गई है। गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा आपराधिक मामला दर्ज किया है, जिससे फोरेंसिक साक्ष्यों में कथित हेरफेर और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को राजनीतिक एवं धार्मिक नुकसान से बचाने की राज्य-प्रायोजित साजिश का खुलासा हुआ है। एफआईआर किसी 'बम' की तरह गिरी है।"

आर.पी. सिंह ने दावा किया कि यह मामला अब केवल राजनीतिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि एक गंभीर आपराधिक जांच का विषय बन चुका है।

गुरुग्राम पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, फोरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि विवादित वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट तैयार करने के सिलसिले में उनसे संपर्क किया गया था। आरोपों में नामजद अधिकारियों में से एक कथित तौर पर डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) के पद पर है, जबकि दूसरा सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) है।

जांचकर्ताओं को दिए अपने बयान में जसप्रीत ने दावा किया कि इसके बाद उन्होंने दो साइबर एक्सपर्ट्स, दिल्ली में अंकित और पंचकूला में अरुण, की मदद ली और पंजाब पुलिस के एक एसपी की लगातार वॉट्सएप निगरानी में फोरेंसिक रिपोर्ट के ड्राफ्ट में बार-बार बदलाव किए गए, ताकि वे शामिल अधिकारियों की उम्मीदों के अनुरूप हो सकें। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

आर.पी. सिंह ने आम आदमी पार्टी (आप) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कुछ दिन पहले ही आप नेतृत्व ने भगवंत मान को क्लीन चिट देने के लिए कथित 'इंडिपेंडेंट लैब रिपोर्ट' का हवाला दिया था और अकाल तख्त साहिब के उस आधिकारिक बयान को चुनौती दी थी, जिसमें वीडियो को असली बताया गया था।"

आर.पी. सिंह ने आगे कहा कि आज, वे 'इंडिपेंडेंट लैब' फर्जी और बनावटी सेटअप के तौर पर बेनकाब हो गई हैं, जिन्हें एक क्रिमिनल सिंडिकेट के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले लोग चला रहे थे।" उन्होंने कहा, "नकली विज्ञान और सरकार के समर्थन से डराने-धमकाने का इस्तेमाल करके पंथ और जनता को गुमराह करना मान सरकार के लिए एक घातक झटका है। अब इस्तीफा ही एकमात्र विकल्प बचा है।"

इस विवाद ने सिख धार्मिक संस्थाओं का भी ध्यान खींचा है। सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक सत्ता माने जाने वाले अकाल तख्त ने इस वीडियो क्लिप को असली बताया है और भगवंत मान को "गुरु-द्रोही" (गुरु के विरोधी) माना है।

हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और कहा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं हैं। उन्होंने बार-बार कहा है कि फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई थी और उन्हें बदनाम करने के लिए एक एक्टर का इस्तेमाल किया गया था।

गुरुग्राम पुलिस की ओर से जांच की जा रही है और अधिकारी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने से जुड़े आरोपों की जांच कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एसडी/एएस

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