नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा केंद्रीय कार्यालय प्रभारी तरुण चुघ ने शुक्रवार को पंजाब के संगरूर में मीडिया को संबोधित किया और राज्य में लगातार हो रही हत्याओं, पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमलों और नशा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्हिसलब्लोअर की हत्याओं को लेकर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए।
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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा केंद्रीय कार्यालय प्रभारी तरुण चुघ ने शुक्रवार को पंजाब के संगरूर में मीडिया को संबोधित किया और राज्य में लगातार हो रही हत्याओं, पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमलों और नशा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्हिसलब्लोअर की हत्याओं को लेकर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने बटाला में विक्रमजीत की हत्या का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि सरकार नशा माफिया पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सुरक्षा देने में विफल रही है। चुघ ने मामले की एनआईए और सीबीआई से जांच कराने तथा दोषियों को पकड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशा समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार हत्याएं हो रही हैं और पुलिस थानों पर ग्रेनेड फेंके जा रहे हैं। राज्य में हत्याओं का दौर चल रहा है और व्हिसलब्लोअर को गोलियां मारी जा रही हैं। पहले गुलजार सिंह को निशाना बनाया गया, क्योंकि उसने बताया था कि यहां चिट्टा बिकता है। उसे इतना मजबूर किया गया कि उसे आत्महत्या करनी पड़ी। मोहनजीत को पुलिस उठाकर ले जाती है और कहती है कि ‘माफिया का नाम मत लो।’ अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि झोटा, जिसने व्हिसलब्लोअर बनकर खुद नशे की खेप पकड़ी थी, उसकी सरेआम और भरे बाजार में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। वह लगातार फोन कर मदद मांगता रहा, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। प्रशासन पूरी तरह विफल रहा।
झोटा के पिता का कहना है कि इसके पीछे आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक सिंगला का हाथ है। कल और परसों की घटनाओं के बाद पूरे पंजाब में भय का वातावरण था। आज ड्रग माफिया और नशे की सप्लाई चेन चलाने वालों ने बटाला में विक्रमजीत और उनके साथियों पर हमला किया, जिसमें विक्रमजीत की हत्या कर दी गई। उनका एकमात्र कसूर यह था कि उन्होंने नशे की सप्लाई रोकने और नशा बेचने वालों के खिलाफ आवाज उठाई थी।
चुघ ने कहा कि आज पंजाब में जो काम पुलिस को करना चाहिए, वह जनता, समाजसेवी और स्वयंसेवक कर रहे हैं। लेकिन भगवंत मान की सरकार उन्हें सुरक्षा देने के बजाय माफिया के हाथों मरने के लिए छोड़ रही है। यह स्थिति बेहद भयानक है। पंजाब में आज जिस तरह हाई पावर मीटिंग बुलाई गई, वह केवल एक फिल्मी ड्रामा है। लोगों के बच्चे नशे से मर रहे हैं, परिवारों के परिवार उजड़ रहे हैं और भगवंत मान साहब केवल मीटिंगों में व्यस्त हैं, जबकि पूरा पंजाब त्रस्त है। हमें हैरानी है कि पंजाब के वित्त मंत्री माफिया के एडवोकेट बनकर काम कर रहे हैं। वे माफिया की हरकतों को सही ठहरा रहे हैं और नशा बेचने वालों के हक में बोल रहे हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा बताएं, क्या वह नशा पकड़वाने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा था? जब उसे गोली मारी गई, तो क्या वह अपने साथ नशे की वे पुड़ियां लेकर नहीं गया था, जिन्हें उसने खरीदकर हासिल किया था? हरपाल सिंह चीमा किस माफिया को और क्यों बचाना चाहते हैं? आज पूरा पंजाब त्रस्त है और भय के वातावरण में जी रहा है, लेकिन भगवंत मान की सरकार अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की सेवा में मस्त है।
--आईएएनएस
एमएस/
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