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भारत-जापान के बीच आर्थिक सुरक्षा पर बैठक, रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति


नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। भारत और जापान ने सोमवार को नई दिल्ली में इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग के दूसरे दौर की बैठक की। इस दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, ताकि सप्लाई चेन को और मजबूत और भरोसेमंद बनाया जा सके।

नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। भारत और जापान ने सोमवार को नई दिल्ली में इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग के दूसरे दौर की बैठक की। इस दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई, ताकि सप्लाई चेन को और मजबूत और भरोसेमंद बनाया जा सके।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री और जापान के विदेश मामलों के उपमंत्री ताकेहिरो फुनाकोशी ने इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट करते हुए कहा, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जापान के विदेश मामलों के उपमंत्री ताकेहिरो फुनाकोशी और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय मामलों के उपमंत्री ताकेहिको मात्सुओ के साथ भारत-जापान आर्थिक सुरक्षा संवाद के दूसरे दौर की सह-अध्यक्षता की। दोनों पक्षों ने सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।”

बैठक के दौरान भारत और जापान के अधिकारियों ने आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। इनमें आर्थिक दबाव, गैर-बाजार नीतियां और जरूरत से ज्यादा उत्पादन जैसे मुद्दे शामिल थे। दोनों देशों ने अपनी-अपनी आर्थिक सुरक्षा नीतियों पर भी चर्चा की।

जापान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बैठक की शुरुआत में जापान बिजनेस फेडरेशन, जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन और कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने 26 मार्च को हुई जापान-भारत निजी क्षेत्र आर्थिक सुरक्षा वार्ता की चर्चा और उससे जुड़े सुझाव दोनों सरकारों के सामने रखे।

दोनों देशों ने पिछले वर्ष अगस्त में जारी भारत-जापान संयुक्त बयान में तय किए गए पांच प्रमुख क्षेत्रों पर खास ध्यान दिया। इनमें सेमीकंडक्टर्स, महत्वपूर्ण खनिज, सूचना और संचार तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और दवाइयों का क्षेत्र शामिल हैं। दोनों पक्षों ने कहा कि व्यापार जगत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों में ठोस सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।

इसके अलावा, भारत और जापान के विदेश उपमंत्रियों के बीच भी बातचीत हुई। इसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और मध्य पूर्व की स्थिति, खासकर ईरान की स्थिति पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने मौजूदा हालात को देखते हुए ऊर्जा और जरूरी संसाधनों की सप्लाई सुरक्षित रखने और अहम सामानों की सप्लाई चेन को मजबूत करने में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने प्रधानमंत्री मोदी की पिछले साल अगस्त में जापान यात्रा के दौरान घोषित 'अगले दशक के लिए जापान-भारत संयुक्त विजन' के तहत कई क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। साथ ही निवेश, इनोवेशन और आर्थिक सुरक्षा के जरिए आर्थिक विकास को तेज करने पर भी जोर दिया गया, जिसमें सरकार और निजी क्षेत्र दोनों मिलकर काम करेंगे।

उपमंत्री फुनाकोशी ने प्रधानमंत्री साने ताकाइची की ओर से हाल ही में घोषित 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (एफओआईपी)' पहल के बारे में भी जानकारी दी। दोनों देशों ने इस दिशा में और ज्यादा सहयोग करने पर सहमति जताई, जिसमें जापान-ऑस्ट्रेलिया-भारत-अमेरिका वाले क्वाड समूह के तहत सहयोग भी शामिल है।

दोनों पक्षों ने इंडो-पैसिफिक और मध्य पूर्व की स्थिति, खासकर ईरान से जुड़े हालात पर भी विचार साझा किए और मौजूदा परिस्थितियों में ऊर्जा, संसाधनों और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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