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भारत के एफटीए से निर्यातकों को दुनिया की करीब 70 प्रतिशत जीडीपी तक मिलती है पहुंच : पीयूष गोयल


गांधीनगर, 17 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) ने देश को उन बाजारों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंच प्रदान की है जो वैश्विक जीडीपी के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं।

गांधीनगर, 17 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के हालिया मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) ने देश को उन बाजारों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंच प्रदान की है जो वैश्विक जीडीपी के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं।

गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) में इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि ये समझौते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति को दर्शाते हैं और विनिर्माण, निर्यात, डिजाइन और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देंगे।

मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक जीडीपी के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हुए 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत ने सीधे तौर पर भारत से प्रतिस्पर्धा करने वाले देशों के बजाय “मजबूत और विकसित अर्थव्यवस्थाओं” के साथ समझौते किए हैं।

गोयल के अनुसार, इन समझौतों में वैश्विक व्यापार का लगभग दो-तिहाई हिस्सा शामिल है और इनसे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, “केवल भारत के बाजारों पर नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों पर कब्जा करने के उद्देश्य से हम उत्पाद डिजाइन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और इनोवेटिव उत्पादों में सुधार करें, तो यह हमारी ताकत बन जाएगा।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत में कम लागत वाले इंटरनेट और बढ़ते डिजिटल बुनियादी ढांचे ने देश को नवाचार और प्रौद्योगिकी निवेश के लिए एक प्रमुख वैश्विक गंतव्य बना दिया है।

उन्होंने कहा, “दुनिया भारत पर भरोसा करती है क्योंकि भारत का मूल स्वभाव ईमानदारी है और यहां के नवाचार को चुराया नहीं जा सकता।”

गोयल ने बताया कि लगभग 1,700 से 1,800 विश्व स्तर पर प्रसिद्ध कंपनियां पहले से ही भारत में नवाचार और डिजाइन केंद्र संचालित कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि कुशल कार्यबल, डिजिटल बुनियादी ढांचे और निवेशकों के विश्वास के कारण वैश्विक कंपनियां तेजी से भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर ला रही हैं।

उन्होंने कहा, “भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है और वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया है। भारत में 5जी का तेजी से विस्तार हुआ है और किफायती डेटा सेवाएं उपलब्ध हैं।”

गोयल के अनुसार, भारत की भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मकता उत्पादकता, टिकाऊ विनिर्माण, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और नवाचार की गति पर निर्भर करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने छात्रों और स्टार्टअप्स से वैश्विक स्तर पर सोचने और सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और डीप टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

उन्होंने आगे कहा, "इनक्यूबेशन केंद्रों को छात्रों और उद्यमियों को विचारों से आगे बढ़कर नवाचार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य उत्पादों में बदलने में मदद करनी चाहिए।"

--आईएएनएस

एबीएस/

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