Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

भारत की बात आज पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है: राजनाथ सिंह


नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिलीपींस के सेबू में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय के साथ संवाद करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है। आज भारत जब कोई बात कहता है तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है कि भारत क्या कह रहा है। उन्होंने कहा कि किसी देश की प्रतिष्ठा बढ़ने से उसके नागरिकों में भी गौरव की भावना मजबूत होती है।

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिलीपींस के सेबू में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय के साथ संवाद करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है। आज भारत जब कोई बात कहता है तो पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है कि भारत क्या कह रहा है। उन्होंने कहा कि किसी देश की प्रतिष्ठा बढ़ने से उसके नागरिकों में भी गौरव की भावना मजबूत होती है।

इसी दौरान राजनाथ सिंह ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ भी अहम बैठक की। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक जहाजों के निर्माण और वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और प्रतिष्ठा को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा पूरी दुनिया को अपना परिवार माना है। यही सोच भारत को दूसरे देशों से अलग पहचान देती है।

रक्षा मंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 12 साल पहले भारत दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में 10वें-11वें स्थान पर था, जबकि आज वह पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पश्चिम एशिया में संकट पैदा नहीं हुआ होता तो भारत आर्थिक प्रगति के मामले में और आगे होता। राजनाथ सिंह ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया।

वहीं, राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने अगस्त में हुई पिछली मुलाकात के बाद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्ते तलाशने पर सहमति जताई। बैठक में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया। इसमें समुद्री बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने की क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की उत्पादन क्षमता का लाभ उठाकर नौसैनिक जहाजों के निर्माण और डिजाइन के क्षेत्र में संयुक्त विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

इस दिशा में भारतीय नौसेना के उप प्रमुख की जापान यात्रा को भी महत्वपूर्ण माना गया। दोनों पक्षों का उद्देश्य ऐसा सहयोग विकसित करना है, जो उनकी रणनीतिक जरूरतों के साथ-साथ समुद्री अभियानों की आवश्यकताओं को भी पूरा करे। बैठक में भारत और जापान की वायु सेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। हाल ही में भारत-जापान वायु सेना अभ्यास 'वीर गार्जियन 26' के दौरान पहली बार जापान के लड़ाकू विमान भारत आए थे।

इस अभ्यास के साथ जापान की वायु आत्मरक्षा सेना के प्रमुख की भारत यात्रा भी हुई थी। दोनों देशों ने इन गतिविधियों को वायु सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना। इसके अलावा, टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में भारत-जापान रक्षा उद्योग मंच का सफल आयोजन भी चर्चा का विषय रहा। इसमें दोनों देशों की करीब 40 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस मंच के माध्यम से रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग और साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाया गया।

इस साल टोक्यो में होगी अहम रक्षा वार्ता राजनाथ सिंह और शिंजिरो कोइजुमी ने इस साल के अंत में टोक्यो में भारत-जापान विदेश एवं रक्षा मंत्रियों की चौथी '2 प्लस 2' वार्ता और दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक आयोजित करने की दिशा में चर्चा तेज करने पर सहमति जताई। '2 प्लस 2' वार्ता में दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री शामिल होते हैं। यह व्यवस्था रणनीतिक, कूटनीतिक और रक्षा मामलों पर व्यापक चर्चा का अवसर देती है।

बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के नए रास्तों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत और जापान की साझा प्रतिबद्धता बेहद महत्वपूर्ण है।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी

Date & Time : 2026-10-28 16:55:04

Share:

Leave A Reviews

Related News