Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

भारत की ऑटो इंडस्ट्री ने लागत दबाव के बावजूद पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया : रिपोर्ट


नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स ने लागत दबाव के बाद भी वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। इस दौरान मार्जिन को बचाए रखने के लिए कई दोपहिया वाहन निर्माताओं ने कीमत बढ़ोतरी और लागत नियंत्रण का सहारा लिया। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स ने लागत दबाव के बाद भी वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। इस दौरान मार्जिन को बचाए रखने के लिए कई दोपहिया वाहन निर्माताओं ने कीमत बढ़ोतरी और लागत नियंत्रण का सहारा लिया। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च के विश्लेषण के अनुसार, ज्यादातर दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनियों (ओईएम) ने तिमाही के दौरान मार्जिन में बहुत कम गिरावट दर्ज की, जिससे पता चलता है कि उन्होंने बढ़ती इनपुट लागत दबाव को बेहतर तरीके से मैनेज किया।

रिपोर्ट में बताया गया कि कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनियों का तिमाही प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा। यह टू-व्हीलर और पैसेंजर वाहन बनाने वाली कंपनियों के बीच रहा।

रिपोर्ट में कमोडिटी की लागत को इस सेक्टर के लिए एक मुख्य चुनौती बताया गया है। हालांकि, मौजूदा तिमाही में कीमतें थोड़ी कम हुई हैं और इनपुट लागत मोटे तौर पर स्थिर बनी हुई है, लेकिन ये मुनाफे पर दबाव डाल रही हैं और लागत के दबाव को कम करने के लिए, ज्यादातर वाहन निर्माताओं ने जुलाई और अगस्त में कीमतें बढ़ाई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कीमतों में इस बढ़ोतरी से मार्जिन को कुछ हद तक सहारा मिलना चाहिए, हालांकि इसका फायदा मांग में बदलाव और कमोडिटी की लागत में कमी की रफ्तार पर निर्भर करेगा।

ग्लोबल ब्रोकरेज के विश्लेषकों ने बताया कि बार-बार कीमतें बढ़ने के बावजूद सभी तरह के वाहनों की मांग अच्छी बनी हुई है और दूसरी छमाही में मिड-सिंगल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है। यह ज्यादातर ओईएम के लिए पहले की गई लो-सिंगल-डिजिट ग्रोथ की भविष्यवाणी से बेहतर है। एचएसबीसी ने यह भी कहा कि अब मानसून से जुड़ी चिंताएं कुछ कम हुई हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कीमतों में और बढ़ोतरी और तुलना के लिए ऊंचा आधार वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही और वित्त वर्ष 28 में ग्रोथ के लिए चुनौतियां पैदा कर सकते हैं, खासकर अगर ग्राहकों की खरीदने की क्षमता कम हो जाती है।

वैल्यूएशन पर एचएसबीसी ने कहा कि उसके कवरेज दायरे में आने वाले स्टॉक्स अपने ऐतिहासिक औसत से प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जिसमें टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियां पैसेंजर वाहन बनाने वाली कंपनियों की तुलना में काफी महंगी लग रही हैं।

--आईएएनएस

एबीएस

ब्रोकरेज ने कहा कि अगले एक-दो सालों में वह ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देगी जो उचित वैल्यूएशन, अलग-अलग तरह के और सुरक्षित रेवेन्यू प्रोफ़ाइल और लंबे समय तक चलने वाले स्ट्रक्चरल ग्रोथ ड्राइवर्स पेश करती हैं।

Share:

Leave A Reviews

Related News