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भारत में किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त उर्वरक भंडार: सरकार


नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण सप्लाई चेन में व्यवधान के बावजूद वर्तमान खरीफ सीजन में किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए देश में उर्वरकों का कुल भंडार संतोषजनक है। यह जानकारी उर्वरक मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी एक अपडेट में दी गई।

नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण सप्लाई चेन में व्यवधान के बावजूद वर्तमान खरीफ सीजन में किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए देश में उर्वरकों का कुल भंडार संतोषजनक है। यह जानकारी उर्वरक मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी एक अपडेट में दी गई।

मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि खरीफ 2026 के लिए उर्वरक की आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन 383.9 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) किया गया है। इसके मुकाबले, आज की तारीख में भंडार लगभग 197.56 लाख मीट्रिक टन है, जो आवश्यक मात्रा का 51 प्रतिशत से अधिक है और सामान्यतः इस समय तक भंडारित किए जाने वाले लगभग 33 प्रतिशत के स्तर से काफी अधिक है। यह सरकार द्वारा बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण और कुशल रसद प्रबंधन को दर्शाता है।

भारतीय किसानों ने चालू खरीफ-2026 सीजन में 7 जून तक कुल 86.65 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक खरीद लिए हैं, जो कुल आवश्यकता का लगभग 22.57 प्रतिशत है।

ईरान युद्ध के बाद भारतीय किसानों ने 11.17 लाख मीट्रिक टन जैविक खाद खरीदी (पंजाब में 2.83 लाख मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश में 2.71 लाख मीट्रिक टन, हरियाणा में 1.33 लाख मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश में 1.25 लाख मीट्रिक टन, गुजरात में 0.96 लाख मीट्रिक टन और महाराष्ट्र में 0.84 लाख मीट्रिक टन), जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह मात्रा 3.20 लाख मीट्रिक टन थी। इस उल्लेखनीय वृद्धि से जैविक पोषक तत्वों के बढ़ते उपयोग की दिशा में सकारात्मक रुझान झलकता है और किसानों की रासायनिक उर्वरकों से जैविक विकल्पों की ओर क्रमिक बदलाव का संकेत मिलता है।

28 फरवरी को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद आयात और घरेलू उत्पादन के माध्यम से कुल मिलाकर लगभग 147.40 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ी है।

जून में 25 लाख मीट्रिक टन से अधिक आयातित यूरिया, डीएपी और एनपीके के भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है। भारत ने 17 लाख मीट्रिक टन यूरिया की खरीद के लिए एक और वैश्विक निविदा जारी की है, जिस पर प्रक्रिया जारी है।

उर्वरकों के उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता की समीक्षा उर्वरक विभाग द्वारा नियमित रूप से की जा रही है। कंपनियों द्वारा जारी किए गए सभी सब्सिडी बिलों का भुगतान साप्ताहिक आधार पर किया जा रहा है, और वर्तमान में उर्वरक सब्सिडी के भुगतान के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है।

--आईएएनएस

एमएस/

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