नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही से निपटने में भारत अपने पड़ोसी देशी की लगातार मदद कर रहा है। लोगों के रेस्क्यू के लिए भारत की ओर से नेपाल में अलग-अलग टीमें भेजी गई हैं। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इस संबंध में ताजा अपडेट साझा कर जानकारी दी है कि 50 भारतीय नागरिकों से संपर्क फिर से स्थापित हो गया है और कुल 108 लोगों को बचाया गया है।
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही से निपटने में भारत अपने पड़ोसी देशी की लगातार मदद कर रहा है। लोगों के रेस्क्यू के लिए भारत की ओर से नेपाल में अलग-अलग टीमें भेजी गई हैं। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इस संबंध में ताजा अपडेट साझा कर जानकारी दी है कि 50 भारतीय नागरिकों से संपर्क फिर से स्थापित हो गया है और कुल 108 लोगों को बचाया गया है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जानकारी साझा की गई, जिसके अनुसार, 29 अगस्त, शनिवार को रात 10 बजकर 30 मिनट तक नेपाल में बचाए गए भारतीय नागरिक 108 हैं। जिन भारतीय नागरिकों से संपर्क फिर से हो गया है, उनकी संख्या 50 है।
इसके अलावा, स्थानीय सरकारी सूत्रों के अनुसार चीन से नेपाल में सुरक्षित रूप से प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 598 है। चीन से अभी तक निकलने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 900 है। ये सभी नागरिक सुरक्षित हैं और बीजिंग में भारतीय दूतावास के सीधे या स्थानीय सरकार के माध्यम से उनसे संपर्क में हैं।
वहीं विदेश मंत्रालय ने बताया कि लापता भारतीय नागरिक 275 हैं और भारतीय मूल के लोग लापता लोगों की संख्या 128 है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी फ्लाइट भारत से रवाना हो गई है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "भारत से 11 टन की मदद के साथ चौथी फ्लाइट रवाना हो चुकी है। भारतीय वायुसेना के सी-130 एयरक्राफ्ट से एक टनल टेक्निकल टुकड़ी के साथ सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उपकरण ले जाया जा रहा है। डीएनए विश्लेषण के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की एक टीम और फोरेंसिक उपकरण, राहत का सामान, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं, ले जाया जा रहा है।"
विदेश मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, 230 फीट के सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए इक्विपमेंट ले जाने वाले 16 ट्रक नेपाल पहुंच गए हैं। सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए इक्विपमेंट जल्द ही सप्लाई किए जाएंगे। उनके इंस्टॉलेशन के लिए टेक्निकल टीमों के जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि अब तक, कुल 68.5 टन राहत सामग्री, जिसमें ज़रूरी दवाएं, पोर्टेबल जनरेटर सेट, खाने के पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां और टेक्निकल इक्विपमेंट शामिल हैं, एयरलिफ्ट करके काठमांडू पहुंचाई गई है।
इससे पहले, विदेश मंत्रालय ने बताया था कि नेपाल के रसुवा में एक जलविद्युत परियोजना से चार और भारतीय नागरिकों को बचाया गया। भारत से छह सदस्यीय फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम के शनिवार को काठमांडू पहुंची, जो शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल के विश्लेषण में मदद करेगी।
विदेश मंत्रालय ने बताया, "टनल रेस्क्यू के लिए एक विशेष तकनीकी टीम कल काठमांडू पहुंची और उसने आज से प्रभावित क्षेत्र में टनल रेस्क्यू में सहायता के लिए काम शुरू कर दिया है। उनकी सिफारिश के आधार पर, उपकरणों के साथ भारत की एक विशेष टनल रेस्क्यू टीम आज नेपाल पहुंचने की उम्मीद है।"
इस बीच, नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति आभार व्यक्त किया कि उन्होंने नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद चिंता जताई और भारत सरकार द्वारा मदद भेजी, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई और बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
Leave A Reviews