Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

भारत पहुंचे लाओस पीडीआर के उपप्रधानमंत्री थोंगसावन फोमविहाने, विदेश मंत्री एस जयशंकर से करेंगे मुलाकात


नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। लाओस पीडीआर के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहाने 1-3 जून तक भारत के आधिकारिक दौरे पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचे।

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। लाओस पीडीआर के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहाने 1-3 जून तक भारत के आधिकारिक दौरे पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचे।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "लाओ पीडीआर के डीपीएम और विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहाने का भारत के अपने पहले दौरे पर हार्दिक स्वागत है। वे डॉ. एस जयशंकर के साथ 10वीं भारत-लाओ पीडीआर जॉइंट कमीशन मीटिंग की को-चेयर करेंगे। भारत और लाओ पीडीआर डिप्लोमैटिक संबंधों के 70 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इस दौरे से भारत और लाओ पीडीआर के बीच लंबे समय से चली आ रही पार्टनरशिप को और बढ़ावा मिलेगा और आपसी हितों के क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होगा।"

उपप्रधानमंत्री के साथ उनके साथ उनकी पत्नी वडसाना फोमविहाने भी इस दौरे पर हैं। यह दौरा भारत और लाओस के बीच बढ़ते जुड़ाव को दिखाता है और उम्मीद है कि इससे दोनों देशों के बीच सहयोग को रिव्यू करने और पार्टनरशिप के नए रास्ते तलाशने का मौका मिलेगा।

इस दौरे के दौरान, थोंगसावन फोमविहाने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ 10वीं इंडिया-लाओस जॉइंट कमीशन मीटिंग की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस मीटिंग में दोनों देशों के संबंधों में हुई तरक्की का अंदाजा लगाने और व्यापार, कनेक्टिविटी, विकास साझेदारी, कैपेसिटी बिल्डिंग और क्षेत्रीय मामलों जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होने की उम्मीद है।

जॉइंट कमीशन मीटिंग भारत और लाओस के बीच संबंधों को रिव्यू करने और आगे बढ़ाने के लिए मुख्य मैकेनिज्म के तौर पर काम करती है। यह दौरा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और साउथईस्ट एशिया के साथ इसके बड़े जुड़ाव के फ्रेमवर्क के तहत डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट को मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के कमिटमेंट को दिखाता है।

भारत और लाओस पीडीआर (लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक) के बीच संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक रूप से मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के संबंधों की नींव बौद्ध धर्म, साझा सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मित्रता पर आधारित है। भारत ने 1956 में लाओस के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे, और तब से दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ता गया है।

भारत की एक्ट ईस्ट नीति में लाओस एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देश रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, डिजिटल तकनीक और विकास सहयोग जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। भारत, लाओस को विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, छात्रवृत्तियों और तकनीकी सहायता के माध्यम से मानव संसाधन विकास में सहयोग प्रदान करता है।

आसियान के सदस्य के रूप में लाओस, भारत की क्षेत्रीय रणनीति में भी अहम भूमिका निभाता है। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा, भारत ने लाओस में कई विकास परियोजनाओं, विशेषकर जल संसाधन, कृषि और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग दिया है।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News