धार, 19 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के बाद धार की भोजशाला में पहले मंगलवार को हवन-पूजा और महाआरती का आयोजन किया गया।
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धार, 19 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के बाद धार की भोजशाला में पहले मंगलवार को हवन-पूजा और महाआरती का आयोजन किया गया।
भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भोजशाला में साप्ताहिक सत्याग्रह और अनुष्ठानों से भक्तों को मां वाग्देवी की साल भर पूजा करने का अधिकार बहाल हुआ।
विश्वास पांडे ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि हम हर मंगलवार को अपने सत्याग्रह के पूर्ण होने की उम्मीद के साथ यहां आते थे। भोजशाला एक तरह से कैद थी, क्योंकि सिर्फ हर मंगलवार को पूजा का अधिकार था। हमारी मांग थी कि 365 दिन हमें पूजा का अधिकार मिले। इसीलिए हमलोग हर मंगलवार को यहां आकर मां के स्थान पर हवन-पूजन करते थे। भोजशाला में अब 365 दिन पूजा का अधिकार मिला है।
विश्वास पांडे ने आगे कहा कि दिल्ली से भी हमें अच्छी खबर मिल रही है कि मां की प्रतिमा को लंदन से लाने के लिए सारी तैयारियां की जा रही हैं। जल्द ही मां के उसी स्थान पर विराजित होने को लेकर हमें खुशी हो रही है। हमारा सत्याग्रह उसी दिन पूर्ण होगी।
मां वाग्देवी की भक्त गायत्री पुरोहित ने भोजशाला मामले पर उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह उत्सव हर एक सनातनी का है। इस उत्सव को लेकर सभी काफी खुशी हैं। मां वाग्देवी से हम सब की यही प्रार्थना थी कि जल्द आप कृपा करें। आज तक आपने हर संघर्ष से लड़ने की शक्ति दी है। अब हमको ममता दीजिए और यहां आकर विराजमान होइए।
गायत्री पुरोहित ने कहा कि मैं देश के सभी युवाओं की ओर से इस सत्याग्रह में मौजूद थी। मेरा मानना है कि दूर होने के कारण कई युवा यहां आ नहीं पा रहे हैं। हर युवा की आस्था की ओर से मां वाग्देवी को अपने हृदय से प्रणाम किया है। उन्होंने कहा कि लंदन से मां वाग्देवी की प्रतिमा जरूर आएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही मां वाग्देवी इस मंदिर में विराजमान होंगी।
--आईएएनएस
एसडी/एबीएम
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