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भोपाल के MANIT में मेस का खाना खाने से 40 छात्र बीमार, शारदा अस्पताल में भर्ती; बिना लाइसेंस चल रही थी मेस


भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) में मेस के भोजन की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हॉस्टल नंबर 10 के सीडी ब्लॉक में शुक्रवार रात मेस का खाना खाने के बाद करीब 40 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई। विद्यार्थियों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शनिवार को मेस का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मेस के संचालन और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में कई अनियमितताएं सामने आने की जानकारी दी गई है। मेस के पास खाद्य कारोबार का लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, पेस्ट कंट्रोल कार्यक्रम और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। विभाग ने खाद्य पदार्थों के सात नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

40 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में कराया भर्ती

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात हॉस्टल नंबर 10 के सीडी ब्लॉक में भोजन करने के बाद विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी-दस्त सहित अन्य परेशानियां होने लगीं। इसके बाद प्रभावित विद्यार्थियों को उपचार के लिए शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना की शिकायत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तक पहुंची, जिसके बाद विभागीय टीम ने मेस में पहुंचकर भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, खाद्य पदार्थों के भंडारण और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की। विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने की वजह की पुष्टि खाद्य नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

मेस से लिए गए सात नमूने, प्रयोगशाला में होगी जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए कुल सात नमूने एकत्र किए। इनमें तीन विधिक नमूने उड़द दाल, मूंगफली दाना और मोटी सेवई के हैं। वहीं, चार सर्विलांस नमूनों में चना दाल, छोला, चावल और अरहर दाल शामिल हैं।

इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि विद्यार्थियों की तबीयत खराब होने की वजह किसी खास खाद्य सामग्री में गड़बड़ी थी।

बिना लाइसेंस संचालित हो रही थी मेस

निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम को पता चला कि मेस खाद्य कारोबार के आवश्यक लाइसेंस के बिना संचालित हो रही थी। इसके अलावा कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और पेस्ट कंट्रोल कार्यक्रम से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराए गए। खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण संबंधी दस्तावेजों का अभाव भी सामने आया।

ये अनियमितताएं ऐसे संस्थान में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी नियमित रूप से भोजन करते हैं। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई का फैसला किया जाएगा।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

MANIT में मेस के भोजन से विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने का यह पहला मामला नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को हॉस्टल नंबर 9 और 11 की मेस में भोजन करने के बाद भी विद्यार्थी बीमार हुए थे। उस समय भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया था और खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे थे।

इससे पहले 13 अप्रैल 2025 को हॉस्टल नंबर 4 में मेस का भोजन करने के बाद करीब 15 विद्यार्थियों के बीमार होने की जानकारी सामने आई थी। उस मामले में भी निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने की बात कही गई थी।

बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच खाद्य नमूनों की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जुलाई की घटना के बाद भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में संबंधित विभाग से पुराने मामलों की जांच की प्रगति भी स्पष्ट किए जाने की जरूरत है।

कन्या छात्रावास के भोजन में इल्लियां मिलने की शिकायत

इधर, भोपाल के पंचशील नगर स्थित अनुसूचित जाति कन्या कॉलेज के छात्रावास में भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। छात्राओं ने दाल-चावल में इल्लियां मिलने, पानी जैसी सब्जी परोसे जाने और रसोई में गंदगी होने का आरोप लगाया है। छात्राओं के मुताबिक, वार्डन की अनुपस्थिति के कारण छात्रावास की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

इन समस्याओं को लेकर अजाक्स युवा छात्रसंघ के अध्यक्ष लक्ष्य भारतीय के नेतृत्व में छात्राओं ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। उन्होंने पानी, बिजली, वाशरूम और साफ-सफाई जैसी समस्याएं भी उठाईं। छात्राओं ने शिकायत करने पर कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया।

मामले में सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य ने समस्याओं का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। वहीं, छात्रसंघ ने समस्याएं दूर नहीं होने पर दोबारा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर उठे सवाल

MANIT में विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने और कन्या छात्रावास में भोजन को लेकर शिकायतों ने संस्थानों की मेस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना संबंधित प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

अब MANIT मामले में खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट, विभागीय जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ने के पीछे क्या कारण था और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर किन जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

Date & Time : 2026-10-11 07:19:45

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