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बीएलए का दावा, 'बलूचिस्तान में मार गिराए 33 पाकिस्तानी सैनिक'


क्वेटा, 24 अगस्त (आईएएनएस)। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि पिछले हफ्ते 36 अलग-अलग अभियानों में उसने पाकिस्तानी सेना के 33 कर्मियों को मार गिराया। इन हमलों में कई घायल भी हुए।

क्वेटा, 24 अगस्त (आईएएनएस)। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि पिछले हफ्ते 36 अलग-अलग अभियानों में उसने पाकिस्तानी सेना के 33 कर्मियों को मार गिराया। इन हमलों में कई घायल भी हुए।

रविवार को जारी एक बयान में, बीएलए प्रवक्ता जीयांद बलोच ने कहा कि 18 अगस्त को चाघी जिले में डलबंदिन और यकमाच के बीच, लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना के काफिले और कमर्शियल वाहनों पर घात लगाकर हमला किया।

उन्होंने बताया कि 30 मिनट से ज्यादा समय तक चले इस हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई घायल हो गए, जबकि कमर्शियल गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा।

समूह ने आगे कहा कि उसने चारसार इलाके में तीन और स्थलों पर सैन्य काफिले को निशाना बनाया, जिससे भारी नुकसान हुआ।

वहीं, कलात जिले स्थित मकाई इलाके के पास, बीएलए लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना के जवानों पर रिमोट-कंट्रोल वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से हमला किया। हमला तब हुआ जब सैन्यकर्मी एक खाली बंकर में दाखिल हो रहे थे। बयान के अनुसार, धमाके में छह पाकिस्तानी जवान मौके पर ही मारे गए।

बीएलए ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने 17 अगस्त को होशाब के पास 'ताल' इलाके में पाकिस्तानी सेना की एक गाड़ी पर आईईडी धमाका किया, जिसमें दो जवान मारे गए और चार अन्य घायल हो गए।

प्रवक्ता ने कहा कि उसी दिन, चारसार में चागाई व्यापार मार्ग पर, समूह ने दो कमर्शियल गाड़ियां जब्त कर लीं, जबकि नोकचाह में एक और कमर्शियल गाड़ी को निशाना बनाया।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि नुश्की-खरन मार्ग के जरीन जंगल में दो कमर्शियल गाड़ियों के टायर पंचर कर दिए गए, जबकि खरन-क्वेटा मार्ग पर पिटकिन में बीएलए लड़ाकों ने घंटों तक हाईवे जाम रखा।

बीएलए ने कहा कि उसके लड़ाकों ने 16 अगस्त को बासिमा में पिटोक, जीक और सुराब में गदार के मुख्य हाईवे पर तीन अलग-अलग जगहों पर नाकेबंदी की और घंटों तक चेकिंग ऑपरेशन चलाया।

समूह ने कहा कि जीक इलाके में, जब पाकिस्तानी सेना ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो प्रभावी कार्रवाई करके उन्हें पीछे धकेल दिया गया। इस हमले में छह जवान मारे गए और चार अन्य घायल हो गए, जबकि एक गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

इसके अलावा, समूह ने दावा किया कि 10 और 11 अगस्त की रात को पाकिस्तानी सेना के साथ हुई भीषण झड़पों में कई सुरक्षाकर्मी मारे गए और घायल हो गए। बीएलए ने दावा किया कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों की लूट, औपनिवेशिक शोषणकारी प्रोजेक्ट्स और पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों के खिलाफ "आर्थिक नाकेबंदी" की नीति सख्ती से लागू रहेगी।

ग्रुप ने कहा, "बलूचिस्तान के अहम कमर्शियल रास्तों पर हाईवे जाम करने की कार्रवाई और बढ़ाई जाएगी, और कब्जा करने वाली सेना के आर्थिक हितों की रक्षा करने वाले सभी वाहनों और प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाया जाता रहेगा। इसी तरह, जमुरान और आस-पास के इलाकों में कब्जा करने वाली सेना के लिए राशन और लॉजिस्टिकल सप्लाई ले जाने पर लगी रोक पूरी तरह लागू रहेगी।"

ग्रुप ने आगे कहा, "सभी स्थानीय ड्राइवरों, ठेकेदारों और व्यापारियों को चेतावनी दी जाती है कि वे कब्ज़ करने वाली सेना को राशन या कोई भी मदद देने से सख्ती से बचें। आदेश न मानने पर, किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान के लिए वे खुद पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।"

--आईएएनएस

केआर/

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