
जापान के ओसाका प्रांत में फूड पॉइजनिंग का बड़ा मामला सामने आया है, जहां 600 से अधिक छात्र और स्कूल स्टाफ बीमार पड़ गए हैं। यह घटना कुमातोरी टाउन के आठ प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों में सामने आई, जहां पिछले कुछ दिनों से बच्चों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे।
रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार तक प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 633 हो गई। मामले की जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने कुछ छात्रों के सैंपल में नोरोवायरस की पुष्टि की है।
जांच में यह भी सामने आया कि स्कूलों में दिए गए लंच की ब्रेड इस संक्रमण का मुख्य कारण हो सकती है। जिस कंपनी द्वारा ब्रेड की सप्लाई की जा रही थी, उसके कर्मचारियों में भी यही वायरस पाया गया है। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कंपनी के संचालन पर पांच दिनों के लिए रोक लगा दी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, फूड पॉइजनिंग दूषित भोजन या पानी के सेवन से होती है, जिसमें बैक्टीरिया या वायरस शरीर में संक्रमण फैलाते हैं। इसके सामान्य लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार शामिल हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि नोरोवायरस बेहद संक्रामक होता है और यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क या दूषित सतहों के जरिए तेजी से फैल सकता है। खासकर स्कूलों जैसी जगहों पर, जहां लोग एक-दूसरे के करीब रहते हैं, इसका संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा अधिक होता है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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