Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

डांगावास हत्याकांड में बड़ा फैसला: 11 साल बाद सभी 40 आरोपी बरी, CBI जांच के बाद आया कोर्ट का निर्णय


राजस्थान के बहुचर्चित डांगावास हत्याकांड में करीब 11 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। नागौर जिले के वर्ष 2015 के इस चर्चित मामले में मेड़ता स्थित एससी/एसटी विशिष्ट न्यायालय ने सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया। यह मामला भूमि विवाद के दौरान हुई हिंसक घटना से जुड़ा था, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी। इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।

क्या था डांगावास हत्याकांड?

मई 2015 में नागौर जिले के डांगावास गांव में खेत के मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें पांच लोगों के साथ ग्रामीण रामपाल पुरी की भी मौत हो गई। घटना के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना और इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई।

CBI ने दाखिल की थी चार्जशीट

CBI ने मामले की जांच के बाद 40 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। इसके बाद वर्षों तक अदालत में सुनवाई चलती रही। गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई।

अदालत ने सभी आरोपियों को किया बरी

करीब 11 वर्षों तक चली सुनवाई के बाद मेड़ता के एससी/एसटी विशिष्ट न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद डांगावास गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर फैसले का स्वागत किया।

बचाव पक्ष ने फैसले का किया स्वागत

फैसले के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता कमल आचार्य, महिपाल लटियाल, महेंद्र चौधरी और बाबूलाल गोरा ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया। उनका कहना है कि अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष फैसला सुनाया है।

Share:

Leave A Reviews

Related News