गोपालगंज, 12 मई (आईएएनएस)। बिहार के गोपालगंज जिले में कुचायकोट थाना क्षेत्र में विभिन्न आर्केस्ट्रा समूहों पर छापे मारकर पुलिस ने 40 से अधिक नाबालिग लड़कियों को शोषण और यातना से मुक्त कराया। मुक्त कराई गई लड़कियां बिहार के अलावा अन्य प्रदेशों की भी हैं। आरोप है कि ये ट्रैफिकिंग करके लाई गई थीं। इस दौरान बाल तस्करी और शोषण के आरोप में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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गोपालगंज, 12 मई (आईएएनएस)। बिहार के गोपालगंज जिले में कुचायकोट थाना क्षेत्र में विभिन्न आर्केस्ट्रा समूहों पर छापे मारकर पुलिस ने 40 से अधिक नाबालिग लड़कियों को शोषण और यातना से मुक्त कराया। मुक्त कराई गई लड़कियां बिहार के अलावा अन्य प्रदेशों की भी हैं। आरोप है कि ये ट्रैफिकिंग करके लाई गई थीं। इस दौरान बाल तस्करी और शोषण के आरोप में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई का नेतृत्व खुद पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी कर रहे थे। इस अभियान में कुचायकोट थाना पुलिस, पटना पुलिस मुख्यालय, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान की टीम शामिल रही। बताया गया कि छापेमारी के दौरान जिले के 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर कार्रवाई की गई। मुक्त कराई गई लड़कियों की उम्र 10 से 17 वर्ष के बीच बताई गई है।
पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कई लड़कियों की तस्करी पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत विभिन्न राज्यों से की गई थी। उन्हें शादी समारोहों में अश्लील भोजपुरी गानों पर घंटों नृत्य करने के लिए मजबूर किया जाता था।
आरोप है कि कई लड़कियों का यौन शोषण भी होता था। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। प्राथमिक जांच में पाया गया है कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि, इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है।
कई लड़कियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें बेहतर जिंदगी, पैसे और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अवसर दिलाने का झांसा देकर इस नेटवर्क में फंसाया गया। इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के आर्केस्ट्रा संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। मुक्त कराई गई लड़कियों की काउंसलिंग के बाद उन्हें सुरक्षित जगह भेज दिया गया और उनकी उम्र के सत्यापन की प्रक्रिया और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है।
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, “इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है।"
--आईएएनएस
एमएनपी/डीकेपी
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