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बिहार के सरकारी अस्पतालों में लगेंगे सीसीटीवी, कंट्रोल रूम से होगी निगरानी: निशांत कुमार


पटना, 1 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि मरीजों का इलाज जिला अस्पतालों में ही हो जाए और जरूरत पड़ने पर ही उन्हें पटना रेफर करना पड़े। मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर भी विकसित किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम से अस्पतालों की निगरानी की जा सकेगी।

पटना, 1 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि मरीजों का इलाज जिला अस्पतालों में ही हो जाए और जरूरत पड़ने पर ही उन्हें पटना रेफर करना पड़े। मीडिया से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर भी विकसित किया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम से अस्पतालों की निगरानी की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे और अपनी टीम को भी भेजेंगे, लेकिन तकनीक के जरिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। यदि कहीं कोई अनियमितता पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निशांत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का पदभार संभालने के बाद उन्हें सबसे अधिक शिकायत डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मियों की अनुपलब्धता की मिली है।

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि डॉक्टर समय पर ड्यूटी करें और मरीजों को बेहतर इलाज मिले। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में 504 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल करीब 350 दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं और शेष दवाओं की उपलब्धता पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों और बाजार से दवाओं के रैंडम सैंपल लेकर उनकी नियमित जांच कराई जाए।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि किसी अस्पताल में दवाओं की कमी हो या एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड जैसी मशीनें खराब हों अथवा उन्हें संचालित करने के लिए तकनीशियन उपलब्ध न हों, तो इसकी तत्काल सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आवश्यक तकनीशियन उपलब्ध रहें, ताकि मरीजों को जांच के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर करीब 100 एम्बुलेंस तैनात करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि 'गोल्डन आवर' के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। निशांत कुमार ने बताया कि राज्य में 11 लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर और 5 लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

--आईएएनएस

एमएनपी/पीएम

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