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बिहार: खेसारी लाल यादव ने भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की, समर्थन दिया


पटना, 22 जून (आईएएनएस)। बिहार का भोजपुर एनकाउंटर मामला तूल पकड़ता हुआ नजर आ रहा है। इस बीच भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव भोजपुर जिले के बिलौती गांव में भरत तिवारी के परिवार से मिलने पहुंचे।

पटना, 22 जून (आईएएनएस)। बिहार का भोजपुर एनकाउंटर मामला तूल पकड़ता हुआ नजर आ रहा है। इस बीच भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव भोजपुर जिले के बिलौती गांव में भरत तिवारी के परिवार से मिलने पहुंचे।

अपनी मुलाकात के दौरान, खेसारी लाल यादव ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और न्याय की लड़ाई में उनके समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने परिवार को 50,000 रुपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

परिवार के सदस्यों से बातचीत के दौरान, खेसारी ने कहा कि न्याय की लड़ाई मुख्य रूप से परिवार की है और उन्होंने उनसे आंदोलन जारी रखने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा गांव तक सीमित नहीं रहना चाहिए और परिवार को अपनी मांगें बड़े सार्वजनिक मंचों और शहरी केंद्रों तक ले जाने का सुझाव दिया। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर वे उनके साथ खड़े रहेंगे।

परिवार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मां के साथ जो होना था, वह हो चुका है, क्योंकि उन्हें भारत वापस नहीं मिलेगा। उन्होंने परिवार से आग्रह किया कि वे शहादत को महज प्रचार का मुद्दा न बनने दें और अपना आंदोलन जारी रखें। उन्होंने कहा कि जहां भी उनकी जरूरत होगी, वे उनके साथ खड़े रहेंगे।

खेसारी ने बिहार सरकार द्वारा घोषित न्यायिक जांच पर भी टिप्पणी की। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच एजेंसी और आरोपी दोनों एक ही पुलिस व्यवस्था से जुड़े हैं।

उनकी ये टिप्पणियां राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और निवासियों द्वारा घटना की निष्पक्ष जांच की लगातार मांग के बीच आई हैं।

इस बीच, बिहार के एडीजी (कानून व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने शाहबाद रेंज के डीआईजी को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है।

एडीजी के अनुसार, दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एफएसएल विश्लेषण सहित वैज्ञानिक जांच पद्धतियों का प्रयोग किया जाएगा। उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच समिति गठित की गई है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुठभेड़ को उपलब्धि नहीं माना जा सकता और कहा कि पुलिस केवल आत्मरक्षा में ही बल का प्रयोग कर सकती है।

एडीजी ने पुष्टि की कि प्रारंभिक जांच में घटना के शुरुआती चरण में लापरवाही पाए जाने के बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ), दो सब-इंस्पेक्टर, एक सहायक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल शामिल हैं। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

15 जून को सोशल मीडिया पर भरत तिवारी के पिस्तौल लिए हुए कथित वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस बिलौती गांव गई थी। यह मुठभेड़ 17 जून को गांव में पुलिस अभियान के दौरान हुई थी।

पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी ने पुलिस अधिकारियों पर गोली चलाई, जबकि परिवार के सदस्यों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गोली लगने से पहले उसने आत्मसमर्पण कर दिया था।

--आईएएनएस

एमएस/

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