Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

बिहार में बाढ़ की स्थिति पर सीएम सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश


पटना, 24 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के उफान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय और खगड़िया के प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।

पटना, 24 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के उफान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय और खगड़िया के प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर, दियारा एवं निचले क्षेत्रों में उत्पन्न स्थिति तथा प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखी जाएं।

हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने भागलपुर एयरपोर्ट पर उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर, राहत एवं बचाव कार्यों और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पानी का दबाव तेजी से कम हो रहा है और बहुत जल्द स्थिति में सुधार होने की संभावना है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से वार्ता किए जाने के बाद फरक्का बराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। इससे गंगा नदी के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। जलस्तर और बाढ़ की स्थिति में होने वाले प्रत्येक बदलाव की लगातार निगरानी की जाए।

सीएम सम्राट ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक मरम्मती कार्य कराने और वहां लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे और नदियों के जलस्तर तथा तटबंधों की स्थिति की लगातार निगरानी करता रहे। बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

इस बीच, केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार सुबह छह बजे पटना के गांधीघाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 97 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। दीघाघाट में गंगा 30 सेंटीमीटर और हाथीदह में 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। भागलपुर के कहलगांव में भी गंगा खतरे के निशान से 46 सेंटीमीटर ऊपर थी।

गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 69 सेंटीमीटर ऊपर रहा। खगड़िया के बलतारा में कोसी नदी 81 सेंटीमीटर और खगड़िया में बूढ़ी गंडक 29 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। कटिहार के कुरसेला में कोसी का जलस्तर 34 सेंटीमीटर तथा सिवान के दरौली में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। मनेर में सोन नदी भी 36 सेंटीमीटर ऊपर थी।

दियारा और निचले इलाकों में पानी बढ़ने से कई जगहों पर लोगों की परेशानी बढ़ी है। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

हवाई सर्वेक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक, अभियान कुंदन कृष्णन, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, भागलपुर प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विवेक कुमार, भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएसएच

Share:

Leave A Reviews

Related News