पटना, 2 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध पर कटाव से बचाव के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। वहीं, पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई घाटों पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।
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पटना, 2 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध पर कटाव से बचाव के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। वहीं, पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कई घाटों पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।
जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार को भागलपुर पहुंचकर राघोपुर तटबंध क्षेत्र में चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों को बढ़ाते हुए काम में और तेजी लाने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग संतोष कुमार मल्ल, एनडीआरएफ के वरिष्ठ कमांडेंट हितेन्द्र पाल सिंह कंडारी तथा जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
भागलपुर के नवगछिया क्षेत्र में बढ़ते गंगा जलस्तर और तटबंध पर कटाव को देखते हुए पुलिस लगातार माइकिंग कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही है। राघोपुर तटबंध क्षेत्र में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की जा रही है। उधर, पटना में प्रशासन ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भद्र घाट, नौजर घाट और महावीर घाट पर सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग कर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है।
अनुमंडल पदाधिकारी कशिश बक्शी ने लोगों से गंगा में स्नान या किसी भी तरह की गतिविधि नहीं करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कंगन घाट से भद्र घाट तक पूरे इलाके का स्थल निरीक्षण किया गया है। कंगन घाट पर फिलहाल पानी कम है, जबकि भद्र घाट और महावीर घाट पर पानी पहुंच चुका है। वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेडिंग की जा रही है और लोगों को खतरे के प्रति जागरूक करने के लिए संकेतक भी लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि अभी पानी किसी बस्ती के अंदर नहीं पहुंचा है, लेकिन कुछ लोगों ने घाट क्षेत्र में अपने मवेशी बांध रखे हैं। उन्हें वहां से हटाने के लिए दंडाधिकारी की तैनाती की गई है। एसडीआरएफ की 10 नाव, 28 कर्मी और छह गोताखोर सक्रिय किए गए हैं। एसएसबी की चार नाव और 30 जीवन रक्षक जैकेट भी भद्र घाट पर तैनात किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील घाट क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की जा सकती है। फतुहा क्षेत्र में कच्ची दरगाह से राघोपुर जाने वाली नावों के परिचालन पर भी रोक लगाई गई है।
इस बीच केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 111 सेंटीमीटर ऊपर है और अगले 24 घंटे में इसमें और वृद्धि की संभावना है। दीघाघाट में 35 सेंटीमीटर, हाथीदह में 72 सेंटीमीटर तथा श्रीपालपुर में 198 सेंटीमीटर ऊपर जलस्तर दर्ज किया गया है। कोसी, गंडक और सोन नदियों के कई हिस्सों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं से नदी के पानी के पास नहीं जाने और स्नान या खेलने से बचने की अपील की है। नगर निगम को जलजमाव वाले क्षेत्रों में पंप की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का निर्णय लिया है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।
--आईएएनएस
एमएनपी/डीकेपी
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