Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

बिहार सरकार ने छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में दी राहत, राजद ने विपक्ष के दबाव का परिणाम बताया


पटना, 27 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार सरकार ने नीट/यूजी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए छात्र आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। गृह विभाग ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में घोषणा की कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक आंदोलन के दौरान दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। इसके साथ ही गिरफ्तार और निरुद्ध सभी लोगों को जल्द रिहा करने का आश्वासन भी दिया गया है।

पटना, 27 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार सरकार ने नीट/यूजी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए छात्र आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। गृह विभाग ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में घोषणा की कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक आंदोलन के दौरान दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। इसके साथ ही गिरफ्तार और निरुद्ध सभी लोगों को जल्द रिहा करने का आश्वासन भी दिया गया है।

गृह विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकार छात्र आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक या प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी। इसके अलावा, 26 जुलाई की शाम 6 बजे से पहले दर्ज सभी मामलों में भविष्य में भी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर और अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने के लिए आवश्यक विधिक प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी। जिन लोगों को इन मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, उन्हें भी शीघ्र रिहा किया जाएगा।

इस फैसले को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने विपक्ष के दबाव का परिणाम बताया। राजद नेता एजाज अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद राज्य सरकार को झुकना पड़ा और छात्र आंदोलन में दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्णय लेना पड़ा।

उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के अल्टीमेटम के बाद राज्य सरकार ने छात्र आंदोलन में दर्ज प्राथमिकी तत्काल वापस लेने के लिए गृह विभाग की ओर से नोटिस जारी कर सकारात्मक दिशा में सहमति व्यक्त की है। अंततः सरकार को अपने फैसले वापस लेने पड़े।" उन्होंने इसके साथ यह टिप्पणी भी की, "झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए।"

बिहार सरकार का यह निर्णय ऐसे समय आया है जब नीट/यूजी में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्यभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जवाबदेही की मांग तेज हुई। सरकार का कहना है कि छात्रों की चिंताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

Share:

Leave A Reviews

Related News